स्वच्छता, सुधार, पर्यावरण के प्रति जागरूकता नहीं

BY — February 10, 2015

राष्ट्रीय सेवा योजना का संभाग स्तरीय कार्यक्रम अधिकारी सम्मेलन का समापन

100204उदयपुर। भूगोलवेत्ता प्रो. विनोद अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल में समाज- सुधार, स्वछता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भाव है। उन्होंने वर्तमान में बेरोजगारी की बढ़ती समस्या के चलते विद्यार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार करने तथा स्वयं का उद्योग प्रारम्भ करने के लिए महत्त्वाकांक्षा, प्रतिबद्धता और प्रयास गहरे और बड़े करने के लिए प्रेरित किया ताकि भविष्य सुदृढ़ हो सके।

वे मंगलवार को राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वाावधान में दो दिवसीय संभागस्तरीय कार्यक्रम अधिकारी सम्मेलन का समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। महाविद्यालय के उपाचार्य डॉ. रामेश्वर आमेटा ने अध्यक्षीय उद्भोधन में कहा कि भारत में युवा वर्ग में प्रतिभा की कमी नहीं है इसलिए उद्यमिता के अवसर उत्पन्न और विश्व में एक मिसाल स्थापित करने के लिए स्वयं को तथा विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना को और अधिक कटिबद्ध होने की आवश्यकता है। समापन में महाविद्यालय की राष्ठ्रीय सेवा योजना में वर्ष 2014-15 के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता छात्राओं और उत्कृष्ट स्वयंसेविकाओं को प्राचार्य डॉ मिलाप चंद जैन, उपाचार्य डॉ मंजू चतुर्वेदी और कार्यक्रम अधिकारी डॉ मनीषा चौबीसा और डॉ प्रेमलता स्वर्णकार ने पुरुस्कृत किया। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, स्वयं सेविकाए, तथा संभाग के अन्य महाविद्यालयों के एनएसएस इकाई के अधिकारी गण उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन डॉ श्रुति टंडन और डॉ. वैशाली देवपुरा ने किया और धन्यवाद कार्यक्रम प्रभारी डॉ मनीषा चौबीसा ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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