विकास के लिए तकनीकी दृष्टिकोण आवश्यक : साधना

BY — March 14, 2015

लाल बहादुर शास्त्री अखिल राजस्थान अन्तः शिक्षक महाविद्यालय वाद-विवाद

140301उदयपुर। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में 44वी श्री लाल बहादुर शास्त्री अखिल राजस्थान अंतर शिक्षक महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

यह प्रतियोगिता ”इस सदन की सम्मति में सोशल नेटवर्किंग साइट्स का बढ़ता उपयोग गुणात्मक शिक्षा में बाधक है।“ विषय पर आधारित थी। इस प्रतियोगिता में राज्यभर के शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों के छात्राध्यापकों ने सहभागिता करते हुए विषय के पक्ष एवं विपक्ष में जमकर सतर्क विचार दिए। कुल 20 सम्भागियों ने भाग लिया। इस वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रो. साधना कोठारी ने छात्राध्यापकों को सम्बोधित करते हुए कहा की अपने सपनों को सपना ही न रहने दें अपितु सपने पूर्ण करने हेतु सार्थक प्रयास करें। साथ ही तकनीकी का उचित उपयोग करते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़े। इस अवसर पर श्री अरूण पानेरी, डॉ. शशि चित्तौुड़ा, डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. धीरज जोशी एवं डॉ. हिना खान ने भी विषय पर विचार प्रस्तुत किये।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक डॉ. मनीष श्रीमाली, निदेशक कम्प्यूटर एण्ड आई.टी. सेन्टर, डॉ. हिना खान, सहायक आचार्य एफ.एम.एस., डॉ. धीरज जाशी, विभागाध्यक्ष, संस्कृत विभाग, राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय थे। वाद-विवाद प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि प्रो. साधना कोठारी प्रो. एण्ड डीन (शिक्षा) मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर थी। संचालन डॉ. रेणु हिंगड़ ने एवं आभार ज्ञापन हिम्मत सिंह चुण्डावत ने किया। प्रतियोगिताओं में वृतिका गुर्जर प्रथम, इन्दुबाला आचार्य द्वितीय तथा रेणुका साल्वी तृतीय रहीं।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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