Header Banner

नेपाल के लिए गुरु दर्शन एक्सप्रेस तैयार

BY — October 23, 2015

तेरापंथी सभा के तत्वावधान में सकल मेवाड़ से जाएंगे एक हजार से अधिक श्रद्धालु
आचार्य परंपरा के अनुसार 11 कोच के नाम रखे गए आचार्यों के नाम पर

231002उदयपुर। पहली बार विदेष की धरती पर चातुर्मास कर रहे आचार्य श्री महाश्रमण के दर्षनार्थ श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा उदयपुर के तत्वावधान में यहां चातुर्मास कर रहे शासन श्री मुनि राकेष कुमार की प्रेरणा से ले जाई जा रहे स्पेषन ट्रेन गुरु दर्षन एक्सप्रेस सोमवार दोपहर 3 बजे यहां से रवाना होगी। तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

सभा के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने बताया कि आचार्य महाश्रमण ने लाल किले की प्राचीर से अहिंसा यात्रा की शुरूआत की थी जिसका स्वागत नेपाल के उपराष्ट्रपति ने किया था। सद्भावना, नैतिकता का प्रसार ओर नषामुक्ति के उद्देष्य को लेकर अहिंसा यात्रा नई दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेष, बिहार होते हुए विदेषी धरती नेपाल के विराटनगर पहुंची थी। उस दौरान नेपाल में आए भीषण भूकम्प में देष के तेरापंथ समाज ने खासी तादाद में राहत सामग्री भिजवाकर नेपालवासियों को राहत पहुंचाई थी।
फत्तावत ने बताया कि उनके उदयपुर तेरापंथी सभाध्यक्ष बनने पर उन्होंने विदेषी धरती पर चातुर्मास कर रहे किसी भी सम्प्रदाय के पहले संत आचार्य श्री महाश्रमण के दर्षनार्थ उदयपुर गुरु दर्षन स्पेषल ट्रेन ले जाने का संकल्प जताया था। नेपाल में त्रासदी के बाद यह आषंका थी कि ट्रेन जा भी पाएगी या नहीं लेकिन अंततः श्रावक-श्राविकाओं की प्रबल इच्छा और गुरु आषीर्वाद के चलते 26 अक्टूबर को ट्रेन रवाना होगी।
तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष दीपक सिंघवी ने बताया कि 26 अक्टूबर को ट्रेन यहां से रवाना होकर 28 अक्टूबर को विराटनगर (नेपाल) पहुंचेगी। 30 अक्टूबर तक आचार्य श्री महाश्रमण के प्रवचन श्रवण, गुरु दर्षन एवं वर्ष 2021-22 में आचार्य श्री महाश्रमण की षष्ठी पूर्ति वर्ष में महोत्सव का अवसर उदयपुर को प्रदान करने का निवेदन किया जाएगा। आचार्य श्री महाश्रमण के वर्ष 2020 तक के चातुर्मास दक्षिण भारत में नियत हो चुके हैं। 31 अक्टूबर को शाम 4 बजे वहां से प्रस्थान कर वाराणसी होते हुए ट्रेन 2 नवम्बर को वापस उदयपुर पहुंचेगी।
उन्होंने बताया कि कुल 11 कोच में दो एसी एवं नौ नॉन एसी कोच हैं जिनके नाम संघ की आचार्य परंपरा के अनुसार सभी आचार्यों आचार्य भिक्षु, आचार्य भारिमल्ल, आचार्य मगवा गणी, आचार्य माणक गणी, आचार्य जयाचार्य, आचार्य कालू गणी, आचार्य डाल गणी, आचार्य तुलसी, आचार्य महाप्रज्ञ, आचार्य ऋषि राय एवं आचार्य महाश्रमण के नाम पर रखे गए हैं।
तेरापंथी सभा के मंत्री सूर्यप्रकाश मेहता ने बताया कि वर्ष 2004 में शासन श्री मुनि राकेष कुमार का चातुर्मास उदयपुर में था तब उनकी प्रेरणा से 15000 मेवाड़वासियों का दल सिरीयारी में चातुर्मास के दौरान गया और उनसे उदयपुर में चातुर्मास का आग्रह किया। उन्होंने एक नहीं दो चातुर्मास प्रदान करने की घोषणा की थी। इस बार भी मुनि राकेष कुमार की प्रेरणा से उदयपुर से दल आचार्य श्री से षष्ठी पूर्ति महोत्सव का अवसर उदयपुर को प्रदान करने का निवेदन लेकर जा रहा है और विष्वास है कि कामना पूरी होगी। तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष चन्दा बोहरा ने बताया कि ट्रेन में जाने वाले यात्रियों के लिए एक दिन पूर्व रविवार सुबह 9.30 बजे तेरापंथ भवन में मंगल भावना के बाद मेहंदी एवं भक्ति गीतों का आयोजन होगा।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply