अल्फाज-2015 में दिखेंगे नारी के विविध रंग

BY — December 18, 2015

तीसरा राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में इस बार स्पर्धाएं भी

181204उदयपुर। नाट्यांश सोसायटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफोर्मिंग आर्ट्स और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के तत्वावधान में तीसरे राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ‘अल्फ़ाज़ –2015’ का आयोजन किया जा रहा हैं। यह आयोजन माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय के सभागार में 24-25 दिसम्बर को शाम 7 बजे होगा।

कार्यक्रम के संजोयक मोहम्मद रिज़वान मंसूरी ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य नारी और हमारे समाज में नारी की स्थिति से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाना है। इस तीसरे राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ‘अल्फ़ाज़-2015’के अंतर्गत हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दो पूर्णकालीन नाटकों का मंचन किया जाएगा। साथ ही इस वर्ष स्कूल के छात्रों के लिए ‘चित्रकला प्रतियोगिता’ और सभी फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए ‘ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता’ भी होगी।
चित्रकला प्रतियोगिता में छात्रों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। जूनियर श्रेणी में कक्षा 5 से 8 तक के छात्र और सीनियर श्रेणी मे कक्षा 9 से 12 तक के छात्र भाग ले सकेंगे। यह प्रतियोगिता सेंट एंथनी सीनियर सेकंडरी स्कूल, गोवर्धन विलास में 20 दिसम्बर को सुबह 10 बजे आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता मे ‘कन्या भ्रूणहत्या’, ‘समाज मे नारी की स्थिति’ और ‘मैं और मेरी माँ’ विषयों पर चित्र बनाए जा सकेंगे। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिये जायेंगे और बेहतरीन 50 को विशिष्ट प्रोत्साहन प्रमाण पत्र दिये जाएंगे।
ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता में सभी फोटोग्राफी प्रेमी भाग ले सकते हैं। इसमे “शेड्स ऑफ वुमन” विषय पर स्वयं की खींची हुई तस्वीर भेजी जा सकती है। फोटो अपलोड करने की अंतिम तिथि 20 दिसम्बर है। इन दोनों प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम की घोषणा 24 और 25 दिसंबर को की जाएगी| दोनों ही प्रतियोगिता के विजेता को 1000रु का नकद पुरस्कार और दो उप विजताओं को 500 रु के नकद पुरस्कार दिये जाएंगे।
इस राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ‘अल्फ़ाज़-2015’ मे पहले दिन 24 दिसम्बर सांय 7 बजे ‘नाट्यांश’ संस्था द्वारा नाटक ‘दुल्हन एक पहाड़ की’ नाटक का मंचन किया जाएगा। प्रसिद्ध नाटककार इज़ाबेल एंड्रूज़ द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन रेखा सिसोदिया ने किया है और हिन्दी रूपांतर सुप्रसिद्ध नाटककर और लेखिका मृदुला गर्ग ने किया है। इस नाटक में सभी पात्र महिलाएं ही हैं। इस नाटक की कहानी पहाड़ों से आई एक दुल्हन की है जो खुले विचारों की है और जो कभी बंधी नहीं रही। कैसे वह शादी के बाद नए घर के तौर तरीकों को अपनाकर भी अपने सपनों और अस्तित्व को बरकरार रखती है।
दूसरे दिन 25 दिसम्बर को बजे मुंबई की ‘अवितोको’ नाट्य संस्था द्वारा नाटक ‘बिम्ब प्रतिबिंब’ का मंचन किया जाएगा। इस नाटक का निर्देशन बॉम्बे कण्णन द्वारा किया गया है और नाटक की लेखिका और अदाकारा प्रसिद्ध रंगकर्मी विभा रानी है | इस नाटक में तीन विधवाओं की जिंदगी का मार्मिक चित्रण है। यह नाटक समाज की उस दोहरी मानसिकता पर कटाक्ष है जहां बोला कुछ और किया कुछ जाता है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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