वार्षिकोत्सव ‘पिछोला 2015-16’ का रंगारंग समापन

BY — January 22, 2016

पराक्रमसिंह चावड़ा मि. जेनिथ

220105उदयपुर। बसन्त की मदमाती बयार  और मन को छू लेने वाली शीतल हवाओं के स्पर्श का अहसास कराती थिरकते कदमों एवं सुर लय के संगम से निसृत संगीत की स्वर लहरियों एवं श्रोताओं के उत्साह उमंग उल्लास के साथ वातावरण नये जोश खरोश के साथ आह्लादित हो हिलोरें लेने लगा। श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर पराक्रम सिंह चावड़ा मिस्टर जेनिथ, प्रथम रनरअप दिलीप सिंह सारंगदेवात एवं द्वितीय रनर अप जिज्ञासु जानी रहे।

मौका था बीएन कॉलेज के पिछोला-2016 के समापन का। दूसरे दिन स्वर एवं लय की अनेक आकर्षक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया और दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। जदो अम्बरा बरसिया पानी..,  दिला दे सोदे किते ने.., चौक पुराओ मंगल गाओ.., आज मोरे पिया घर आये.., हल्दीघाटी में समर लड्यो.., कालियो कूद पड्यो मेला में.., खेलण दो गणगौर.., केसरिया बालम पधारो म्हारे देश की शब्द लड़ियों के साथ दर्शकों के कदम थिरकने लगे और मस्ती में झूमने लगे और इसी के साथ पिछोला के दूसरे दिन के कार्यक्रम परवान चढ़ने लगे।
मुख्य अतिथि चित्तौपड़गढ सांसद सीपी जोशी ने कहा कि हम युवाओं को महाराणा प्रताप के शौर्य एवं साहस को विस्मृत नहीं करना चाहिए। महाराणा प्रताप ने मेवाड़ ही नहीं अपितु विश्व में अपनी पहचान बनाई है। अध्यक्षता करते हुए राजस्थाहन विश्ववविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सिंघल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि पूर्व संसदीय सचिव गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने युवाओं को प्रोत्साहित किया।
220106विशिष्ट अतिथि राजस्था न विद्यापीठ के कुलपति प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत कुलपति जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि गीत संगीत, नाट्य आदि ईश्वर से संबध जोड़ने  के साथ आत्माभिव्यक्ति के श्रेष्ठ माध्यम हैं। विद्यार्थियों को इसमें उत्साह एवं सक्रियता से भाग लेना चाहिए। विशिष्ट अतिथि जगदीशराज श्रीमाली ने भी विचार व्यहक्तत किए। स्वागत प्राचार्य डॉ. विक्रम सिंह शक्तावत, छात्रसंघ अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह पंवार एवं उपाध्यक्ष जोगेन्द्र प्रताप सिंह राठौड़ ने किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ. विक्रम सिंह शक्तावत, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. महेन्द्र राणावत, सह-अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. ज्योतिरादित्य सिंह भाटी, आयोजन सचिव डॉ. आशा अरोड़ा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।
विद्या प्रचारिणी सभा के मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह आगरिया, कार्यसमिति सदस्य प्रो. जीवन सिंह जामोली एवं अतिथियों के द्वारा वर्षपर्यन्त शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। दूसरे दिन के मुख्य आकर्षण एकल गान (लोक), एकल नृत्य (फिल्मी), आशु गायन, समूह गान (फिल्मी), समूह नृत्य(लोक),प्रतियोगिताएं सम्पन्न हुई। इसके साथ मिस्टर जैनिथ प्रतियोगिता परिचय, प्रतिभा प्रदर्शन एवं प्रश्नोत्तिर से सम्पन्न हुई।
दूसरे दिन एकल गान (लोक) प्रतियोगिता में विजेता प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय क्रमशः रौनक कुमावत, अशीना सोनी और अनिता राठौड़, एकल नृत्य (फिल्मी) प्रतियोगिता के विजेता प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय क्रमशः दिलखुश चुण्डावत, अंशुमान गुप्ता और सुरेन्द्र सिंह चौहान, निधि तिवारी, आशु गायन के विजेता प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय क्रमशः दीपक कुमावत, अनिता राठौड़, दिलखुश चुण्डावत, समूह गान (फिल्मी) विजेता प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय क्रमशः ऋषभ वेष्णव एवं ग्रुप, अशीना सोनी एवं ग्रुप और गोपाल भील एवं ग्रुप, अनिता राठौड़ एवं ग्रुप, समूह नृत्य(लोक) प्रतियोगिता में विजेता प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय क्रमशः चंचल झाला एवं ग्रुप, दिलखुश चुण्डावत एवं ग्रुप, ध्रुवी चौहान एवं ग्रुप रहे। कार्यक्रम में जीतसिंह चुण्डावत, प्रधान पंचायत समिति मावली, कुबेरसिंह चावड़ा, गजेन्द्र भण्डारी, गजपाल सिंह, दीपक मेवाड़ा प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई एवं अनेक छात्र नेता उपस्थित थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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