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मोहन वीणा और ओस्माण मीर के सुरों की तान

BY — March 16, 2016

‘‘ऋतु वसंत’’ के पहले दिन झंकृत होगी

140302उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से शुक्रवार 18 से 20 मार्च तक आयोज्य शास्त्रीय कला उत्सव  ‘‘ऋतु वसंत’’ के पहले दिन वडोदरा के दीपक क्षीर सागर द्वारा मोहन वीणा वादन तथा प्रख्यात गायक ओस्माण मीर द्वारा गायन प्रस्तुत किया जायेगा।

केन्द्र निदेशक फुरकान खान ने वडोदरा के दीपक क्षीरसागर देश के जाने माने गिटार वादक हैं, जो अपनी कला में नित नव प्रयोग के लिये जाने जाते हैं। केवल चार वर्ष की आयु में पहली बार शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देने वाले दीपक क्षीरसागर की संगीत शिक्षा उनके दादा और ग्वालियर घराने के बहुमुखी गायक पं. बी.एन. क्षीरसागर के सानिध्य में हुई। दीपक का जन्म क्षीरसागर वंश में हुआ जहां शास्त्रीय गायन और वादन की परंपरा रही। दीपक उस परिवार की परंपरा की चौथी पीढ़ी के वाहक हैं। दीपक को अनेक राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
इसी प्रकार दूसरी प्रस्तुति गुजरात के कच्छ स्थित मांडवी निवासी प्रख्यात गायक ओस्माण मीर की होगी। मूलतः एक तबला वादक के रूप में संगीत की दुनियां में प्रवेश करने वाले ओस्माण का गायकी में प्रादुर्भाव संत मोरारी बापू की प्रेरणा से हुआ तथा इनका पहला समारोह अहमदाबाद में आयोजित किया गया। ओस्मान ने तकरीबन 25 देशों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक गुलाम अली और जगजीत सिंह को अपना आदर्श मानने वाले ओस्माण मीर ने संजय लीला भंसाली की हाल ही में प्रदर्शित फिल्म ‘‘गोलियों की रास लीला राम लीला’’ में गीत ‘‘मोर बनी थनगट करे..’’ में अपने गायन का जौहर दिखाया। राम चरित परायण में ओस्माण, संत मोरारी बापू के साथ भी गायन करते हैं।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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