सेवा के साथ साधना को भी अपनायें : शिव मुनि

BY — May 1, 2016

केसरियाजी में हुआ भव्य स्वागत, अभिनन्दन

010503उदयपुर। आत्मज्ञानी गुरूदेव आचार्य सम्राट शिव मुनि, मेवाड़ के लाडले शिरीष मुनि, आदि ठाणा-6 का आज राजस्थान प्रवेश पर केसरियाजी स्थित कीका भाई धर्मशाला में ऐतिहासिक भव्य स्वागत अभिनंदन किया गया। विभिन्न अंचलों के श्रीसंघ एवं राजस्थान जैन कॉन्फ्रेन्स व श्रावक समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।

आचार्य सम्राट शिव मुनि ने कहा कि हमारे प्रभु तीर्थंकर ऋषभदेव की छत्र छाया में राजस्थान के निवासियों की ओर से केसरियाजी की नगरी में यह अपूर्व अभिनंदन कार्यक्रम हुआ। हमारे आदि तीर्थंकर प्रभु ऋषभदेव के नाम पर बसी यही नगरी एवं उनके पुत्र भरत के नाम पर यह भारत वर्ष का नाम पड़ा। आदिनाथ भगवान ने अपने 98 पुत्रों को संबोधि को प्राप्त करने के उपदेश दिया था। 13 माह की तपस्या के बाद अक्षय तृतीया के दिन सहज मिलें इक्षु रस से पारणा कर उस तिथ को अक्षय कर दिया।
उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा चातुर्मास को हमारा राजस्थान में प्रवेश हुआ है। भीलवाड़ा वालों की भावना से ही अभिनंदन समारोह हुआ। आप सभी की सेवा भक्ति सराहनीय है। सेवा के साथ-साथ साधना को भी अपनायें। श्रमण संघ की नींव की प्रमुख भूमिका भी राजस्थान प्रांत में ही रही। जैन दिवाकर चौथमल, मरूधर केसरी मिश्रीमल, युवाचार्य मधुकर मुनि, उपाध्याय पुष्कर मुनि, आचार्य देवेन्द्र मुनि, साध्वी शिरोमणि राजस्थान प्रवर्तिनी यशकंवर, आदि ने अपने जप-तप से इस भूमि को सींचा है।
010504जैन कॉफ्रेंन्स के पदाधिकारियों की उपस्थिति में उन्होंने कहा कि जैन कॉफ्रेंस श्रमण संघ की मातृ संस्था है। वर्तमान में चुनाव भी एक मुद्दा बन गया है। हम सभी की भावना एवं विशाल दृष्टिकोण को लेकर आये और इलेक्शन की बजाय सलेक्षन को प्राथमिकता दें। श्रमण संघीय मंत्री मेवाड़ के लाडले शिरीष मुनि ने आचार्य सम्राट के मेवाड़ की धरती पर पधारने पर अभिनंदन करते हुए कहा कि आचार्य श्री ने जन मानस को ध्यान साधना, सरलता एंव सहजता अंगीकार करने की प्रेरणा प्रदान की। युवा मनीषी शुभम मुनि, प्रवचन प्रभाकर शमित मुनि ने राजस्थान पदार्पण पर आचार्यश्री का अभिनंदन करते हुए जनमानस को उनके सानिध्य का पूरा लाभ उठाने का आव्हान किया।
राजस्थान जैन कॉन्फ्रेन्स के अध्यक्ष वीरेन्द्र डांगी ने बताया कि भीलवाड़ा श्रीसंघ की ओर से स्वागत गीत गरिमा जैन एवं करूणा जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर नेमीचंद चोपड़ा, बाबूसेठ वोरा, रतनलाल कोठारी, प्रमिला सूर्या, अंश बाफना, आर्यन सिसोदिया, आदि ने आचार्य के राजस्थान प्रवेश पर अभनंदन किया। समारोह में 9 मई को दीक्षा लेने जा रहे वैरागी भाई अतेश जैन का स्वागत किया गया।
डांगी ने बताया कि आचार्यश्री 5 मई को जैन स्थानक महावीर भवन नाई ग्राम पधारेंगे जहां 9 मई को अक्षय त़ृतीया पर पारणा महोत्सव,जैन भगवती दीक्षा महोत्सव,श्रमण संघ स्थापना दिवस, गुरू ज्ञान जन्म जयंती आदि कार्यक्रम होंगे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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