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आने वाले पीढियों के लिए प्रकृति का संरक्षण जरूरी

BY — August 3, 2016

राजस्थान विद्यापीठ के शिक्षा संकाय सीटीईई की स्वर्ण जयंती पर विविध कार्यक्रम

030803उदयपुर। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ, विश्वविद्यालय के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय सीटीईई के शिक्षा संकाय की स्वर्ण जयंती पर विविध समारोह हुए।

प्राचार्य डॉ. शशि चितौड़ा ने बताया कि 03 अगस्त 1966 को मनीषी पं. जनार्दनराय नागर ने मेवाड़ के आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने के उद्देश्य से इसकी स्थापना की थी। बीएड, बीएड बाल विकास, एसटीसी एवं बीएड बाल विकास के छात्र छात्राओं द्वारा महाविद्यालय के परिसर में 101 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का आगाज किया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने कहा कि हमें आने वाली पीढियों के लिए जल एवं प्रकृति को बचाना होगा। प्रत्येक पौधा न केवल हमारे काम आयेगा बल्कि आने वाली पीढी भी सुखद रहेगी।

030804उन्होंने कहा कि शिक्षा संकाय के 50 वर्ष पूर्ण होने पर संस्थापक पं. नागर के विचारों के अनुरूप ही आज भी संस्था लोकमान्य शिक्षक बनाने एवं सर्वहारा वर्ग को शिक्षित करने हेतु दृढ संकल्पित है। विशिष्टा अतिथि सरल बैंक के निदेशक श्याम एस. सिंघवी एवं लायंस क्लब उदयपुर अमन के सदस्य आरसी अशोक शाह, दिनेश कोठारी थे। प्रारंभ में प्राचार्य शशि चितौड़ा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय के विकास यात्रा का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. देवेन्द्रा आमेटा ने धन्यवाद डॉ. बलिदान जैन ने दिया। इस अवसर पर डॉ. सरोज गर्ग, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. अमित बाहेती, डॉ. रचना राठौड़, डॉ. हरीश मेनारिया, डॉ. प्रेमलता गांधी, संतोष लांबा, डॉ. भूरालाल श्रीमाली सहित विभागाध्यक्ष मौजूद थे।
90 यूनिट किया रक्तदान : प्राचार्य डॉ. शशि चितौड़ा ने बताया कि सीटीई के 50 वर्ष पूर्ण होने पर बीएड, बीएड बाल विकास, एसटीसी एव बीएड बाल विकास के छात्र छात्राओं द्वारा सरल ब्लड बैंक में 90 यूनिट रक्तदान किया गया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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