मशीनों के निर्माण को नए आयाम दिए प्रेम इंजीनियरिंग ने

BY — August 9, 2016

कलड़वास स्थित फैक्ट्री  के युवा निदेशक का सपना साकार

090806उदयपुर। प्रकृति ने अरावली पर्वतमालाओं के जरिये उदयपुर को मिनरल के रूप में बेहिसाब ऐसी सम्पदा दी है, जिसका दोहन करते-करते मनुष्य थक जाएगा लेकिन वह सम्पदा समाप्त नहीं होगी। इस सम्पदा के दोहन के लिए अनेक प्रकार की मशीनों की आवश्यकता पड़ती है। मिनरल के सही उपयोग के लिए समय-समय पर उद्यमियों ने इसमें काम आने वाली मशीनों को बाहर से मंगाना प्रारम्भ किया है, लेकिन इसमें लागत अधिक आने के कारण स्थानीय उद्यमियों ने इस क्षेत्र का अनुभव ले कर मशीन निर्माण उद्योग की स्थापना की।

उदयपुर में मार्बल, ग्रेनाईट, प्रोसेसिंग एवं स्टोन में काम आने वाली मशीनों का उत्पादन विभिन्न कम्पनियों द्वारा किया जा रहा है लेकिन 5 वर्षों से कलड़वास औद्योगिक क्षेत्र में इन क्षेत्रों में काम आने वाली मशीनों का निर्माण प्रेम इंजिनियरिंग द्वारा निर्बाध गति से किया जा रहा है। कम्पनी के निदेशक 35 वर्षीय प्रेम मेनारिया ने जब वर्ष 2000 में अपनी स्नातक की परीक्षा पास की तो उनके सामने जीवन यापन करने के लिए खुला मैदान था।
मेनारिया ने कॉलेज शिक्षा ग्रहण करने के बाद मशीन निर्माण क्षेत्र में अनुभव हासिल करने के लिए शहर में ही इस क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न कम्पनियों के यहां न केवल नौकरी की वरन् अनुभव हासिल करने के बाद महाप्रबन्धक के रूप में भी सेवायें दी। इतना सब कुछ करने के बाद भी जब मन के किसी कोने में जीवन में कुछ नया करने की ललक अलख जगा रह थी तो इन्होंने वर्ष 2005 में नौकरी छोड़़ कर इसी क्षेत्र में अपना जीवन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
रॉ मटेरियल : मेनारिया ने बताया कि मशीन निर्माण में काम आने वाला रॉ मटेरियल टाटा स्टील, जिन्दल स्टील, रायपुर, जयपुर एवं स्थानीय स्तर से खरीद कर मशीन निर्माण में काम में लेते है। इस कम्पनी में फेब्रिकेशन से लेकर प्लाण्ट एण्ड मशीनरी का सारा कार्य किया जाता है। मशीन निर्माण में गुणवत्ता पूर्ण ध्यान रखा जाता है।
बिक्री : मेनारिया बताते है कि उचच गुणवत्ता युक्त मशीनेां के निर्माण के कारण ही आज कम्पनी के ग्राहक सिर्फ राजस्थान ही नहीं वरन् पूरे देश के साथ-साथ विदेशों में भी फैले हुए है। कम्पनी श्रेष्ठ गुणवत्तायुक्त मशीनों का श्रीलंका, मस्कट, इथोपिया, रूस आदि देशों में निर्यात होता है।
आईएसओ : बेहतर गुणवत्तायुक्त मशीनों के निर्माण के कारण कम्पनी को वर्ष 2013 में 9001:2008 मिला जो कम्पनी की उत्तरोत्तर प्रगति को दर्शाता है।
रोजगार: प्रेम इंजिनियरिंग वर्क्सत में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से करीब 40 से 50 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रखा है। श्रेष्ठ मशीनों के निर्माण के लिए कम्पनी में अनुभवी इंजिनियरों एवं कामगारों की टीम लगी हुई है।
भावी योजना : प्रेम मेनारिया ने बताया कि कम्पनी अपने उद्योग का विस्तारीकरण करेगी। जिसके तहत अगले 25 वर्ष में कम्पनी फूड प्रोसेसिंग मशीनरी निर्माण एवं मिनरल संबंधित मशीनरी निर्माण कार्य क्षेत्र में उतरने की संभावना है। इसके अलावा मेनारिया के शैक्षिक क्षेत्र में आने की संभावना है। वे इस क्षेत्र में कम पैसों में गुणवता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराने एवं गरीब जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा भी देने की बात को दृढ़निश्चयता के साथ पूर्ण करने की बात कहते है।
समस्याएं : टेक्स की विभिन्न दरों के कारण ग्राहक जहां टैक्स दर कम होती है, उस राज्य से मशीनरी खरीद रहे है। जिस कारण राजस्थान के उद्यमियों को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजस्थान में ऐसी मशीनरी खरीदने पर जहां टैक्स दर मात्र 5 प्रतिशत है वहीं इसी मशीनरी को राजस्थान से बाहर बेचने पर खरीदारी को साढ़े 14 प्रतिशत टेक्स देना पड़ता है। ऐसे में जीएसटी की बहुत आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सुझाव : नये उद्यमियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र में रीको के पास जमीन उपलब्ध नहीं है और जो उपलब्ध है वह इतनी महंगी है कि एक नया उद्यमी उद्यम स्थापना के लिए आगे नहीं पाता है। सरकार को चाहिये की रीको के माध्यम से नये एन्टरप्रिन्योर के लिए सस्ती जमीन एवं सस्ता ऋण उपलब्धे करवाए ताकि वह उद्यम की स्थापना कर बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करा सकें।
सामाजिक सरोकार : मेनारिया कलड़वास चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज में पदाधिकारी, रोटरी क्लब मेवाड़ में डायरेक्टर न्यू जनरेशन के पद पर कार्यरत होने के साथ-साथ विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों तथा सामाजिक संगठनों से जुड़कर समाज सेवा में भी अग्रणी बने हैं।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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