वृद्धा की हत्या का पर्दाफाश

BY — October 1, 2016

पैर काटकर लूटे थे चांदी के कड़े

011007उदयपुर।  गत 15 सितम्बरर को भोइयों की पंचोली में वृद्धा के पैर काटकर चांदी की कडि़यां लूट ले जाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि प्रतापनगर थाना क्षेत्र में 15 सितम्बर की रात्रि को खेत में चारा काटने गई भंवरी पत्नि माना डांगी की लाश पड़ी होने की सूचना मिली थी। इस पर स्वयं पुलिस अधीक्षक, अति. पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी सहित वृताधिकारी नगर पूर्व, कई थाना अधिकारी मौके पर पहुंचे।
हत्यारों ने महिला की निर्ममता से हत्या कर उसके पैर काटकर पैरों में पहनी चांदी की कड़ियां, सोने की नथ व कानों में पहने सोने के गालरिये (सोने के टोप्स) लूटकर ले गए। घटना की गम्भीरता को देखते हुए अति. पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के नेतृत्व मे वृतधिकारी नगर पूर्व व कई अनुभवी थानाधिकारी सहित इस तरह की घटनाओं को खोलने में अनुभवी पुलिस हैड कानि व कानि. को लगाया गया ।
लगभग 100 से ज्यादा अपराधियों से पूछताछ की गई। गांव के आसपास रहने वाले व नौकरी पेशा व व्यापारियों को तलब कर पूछताछ की गयी। कड़ी पूछताछ के बाद तीन अपराधियों को पुलिस ने कल रात गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों मे सुरेश वागरिया पिता परथा वागरिया (20) निवासी कानपुर थाना प्रतापनगर, गोपाल पिता शकंर वागरिया (23) निवासी रूपपुरा थाना जावद जिला नीमच हाल कानपुर थाना प्रतापनगर, नोजीराम मीणा (रावत पिता खरता रावत धनेता फला प्रतापपुरा थाना सलुम्बर हाल गणेश डांगी का मकान कानपुर शामिल है। पूछताछ पर पता चला कि घटना के दिन 15 सितम्बर को भंवरी देवी भैसों के लिए चारा लेने किशन पूर्बिया के खेत में चारा लेने गई थी। अभियुक्तों ने अकेला पाकर पीछे से लकड़ी का वार महिला के सिर पर किया जिससे महिला बेहोश होकर गिर गई। उसके बाद सुरेश, नोजीराम, गोपाल महिला को गन्ने के खेत में ले गये, नोजीराम ने पैर पकड़े तथा गोपाल ने धारिया से पांव काट दिये तथा कड़िया व अन्य सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि वृद्धा की हत्या में प्रयुक्त हथियार व लूटे गहने के बारे में पूछताछ गहनता से चल रही है। अभियुक्त नोजीराम मीणा ने पूर्व में वर्ष 2005 में थाना सलूम्बर के माकड़ सीमा टोपाली मगरी में भी साथियों के साथ महिला पेमली पत्नि हीरा मीणा 25 दिसम्बबर 2005 को खेत में चने की फसल रखवाली हेतु गई थी। उसका गला काटकर पाँव में सेचांदी के कडे, गले में से चांदी की हासली,कान की ओगडिया हाथ की चूड़ियां अदि लूटकर ले गया ।
प्रकरण का खुलासा नहीं हो पाया था, भोईयों की पंचोली मे वृद्वा भंवरी देवी की हत्या मे नोजीराम से कड़ी पूछताछ की गई तो पूर्व में पेमली बाई की हत्या व लूट का पर्दाफाश हो गया। घटना का मुख्य अभियुक्त नोजीराम सुलम्बर क्षैत्र मे महिला की हत्या के बाद से ही कानपुर के रहने लग गया तथा यही टैक्टर मजदुरी करने लग गया, ज्यादा समय नोजीराम वागरियों के घरों में रहता था। घटना के पूर्व अभियुक्तों ने महिला भंवरी देवी की रैकी की थी अभियुक्तों की नजर उसके पहने गहनों पर थी।
प्रकरण का पर्दाफाश करने में निम्न अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही : अति.पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, वृताधिकारी वृत्ति नगर पूर्व भगवत सिंह हिंगड़, थानाधिकारी प्रतापनगर सुरेन्द्र सिंह, थानाधिकारी हिरणमगरी छगन पुरोहित, थानाधिकारी भूपालपुरा चांदमल, थानाधिकारी भीण्डर हिमांशु सिंह, हैड कांस्टेबल विक्रम सिंह पर्वतसिंह मुकेश कुमार, नाहर सिह, धर्मेन्द्र सिंह, सुरेश, उम्मेद एवं कांस्टेंबल कानाराम, मनोहर सिंह, उमेश कुमार, अनिल व अर्जुन सिंह शामिल थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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