तबले व बांसुरी की जुगलबन्दी से श्रोता मुग्ध

BY — October 1, 2016

बांसुरी वादक रोनू मजूमदार की बांसुरी में खोये श्रोता

011001उदयपुर। सृजन द स्पार्क संस्था की ओर से लाइफ टाईम अचीवमेन्ट एवं नेशनल कुमार गंधर्व अवार्ड प्राप्त प्रख्यात बांसुरी वादक मुबंई के पं.रोनू मजूमदार का बांसरी वादन कार्यक्रम शुक्रवार को नाथद्वारा स्थित मिराज ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। पं. मजूमदार के बंासुरी वादन में संगीत के सुधि श्रोता खो गये।

पं. मजूदमदार ने बांसुरी वादन की शुरूआत बागेश्री राग से की।    बीच बीच में तबले के साथ बदिशों व तबले व बांसुरी की जुगलबन्दी की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मंत्रमुग्ध कर दिया। बागेश्री राग में जब पं.मजूमदार ने ष् सा ष् राग को लम्बा खींचा तो श्रोता भी तालियों की दाद देने में पीछे नहीं रहे। पं. मजूमदार द्वारा तीन ताल की बंदिश की दी गई प्रस्तुति पर श्रोता उसी में खो गये। इस अवसर पर उन्होेंने साढ़े सात मात्रा के साथ बांसुरी वादन का मुखड़ा सुना कर श्रोताओं को आनन्दित कर दिया। अजीत पाठक ने तबले पर तो कल्पेश सचाला ने बंासुरी पर पं. मजूमदार का साथ देकर इस संगीत संध्या को यादगार बना दिया। इस अवसर पर उन्होंने उस्ताद विलायत खां की लय को भी बांसुरी से सुनाने में पीछे नहीं रहे। जिस पर उन्हें तालियों की भरपूर दाद मिली। समारोह में उन्हांेने लाईट म्यूजिक की भी प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर पं. मजूमदार ने कहा कि संगीत के सातों सुर ही संगीतकार की जाति होते है। उन्होंने बताया कि वे जीवन में सगीत निर्देशक बनना चाहते थे लेकिन जीवन उन्हें संगीत की इस विधा की ओर खींच ले गया। उन्होंने शायर निदा फाज़ली के साथ कोई अकेला कहंा नामक एलबम भी बनायी। उन्होंने पुरानी फिल्म लव स्टोरी से ले कर 1942 ए लव स्टोरी तक फिल्म में गाने बजाये।
011002उन्होेंने बताया कि धु्रपद गायकी से ष्जोरष् का बहुत घनिष्ठ संबंध रहा है। पं. मजूमदार की प्रस्तुति के बाद बहुत देर तक श्रोता उन्हें तालियेेें की दाद देते रहे। बांसुरी से उन्होंने पुरानी फिल्म लव स्टोरी व 1942 ए लव स्टोरी फिल्म का भी गाना गा कर सभी को मोहित कर दिया। पं. मजूमदार ने केसरिया बालम पधारो म्हारे देस की प्रस्तुति ने सभी को अपनी बांसुरी की ओर खींच लिया।
इस अवसर पर मिराज ग्रुप के सीएमडी मदन पालीवाल ने मधुर आवाज में पुरानी फिल्मों के गीत गा कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। सभी को आज मदन पालीवाल का गायकी के क्षेत्र में नया रूप देखने को मिला। मदन पालीवाल ने यमन कल्याण राग में हो जब दीवाना चंदन सा बदन चचंल चितवन गाना गाया तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये। इस अवसर पर पं. मजूमदार ने बांसुरी से मदन पालीवाल का पूरा साथ दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा,राजसमन्द पुलिस अधीक्षक विष्णुकान्त, मदन पालीवाल,सृजन द स्पार्क के संरक्षक राजकुमार रिज़वी,हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ विकास शर्मा, लायन्स क्लब डिस्ट्रिक्ट 323 ई-2 के प्रान्तपाल अरविन्द चतुर,वीना खमेसरा का स्वागत किया गया। इस अवसर कार्यक्रम समन्वयक सृजन राजेश खमेसरा,संस्था के अध्यक्ष सृजन जी.आर.लोढ़ा, सृजन द स्पार्क के सचिव सृजन राजेन्द्र शर्मा,सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद थे।
पं. मजूमदार ने पं. रविश्ंाकर व फिलिप ग्लास के सहयोग से पेसेजेज व शंकर महादेवन ,शोभा गुर्तु, जाकिर हुसैन व सुलतान खान के साथ पं. मजूमदार एलबम लांच कर चुके है। पं. मजूमदार ने संगीत निर्देशक आर.डी.बर्मन सहित अनेक संगीत निर्देशकों के साथ अनेक फिल्मों में काम किया है। कार्यकम का संचालन दिनेश कटारिया ने किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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