लोकमान्य शिक्षक बनाना ही उद्देश्य : सारगदेवोत

BY — November 23, 2016

छात्र-अध्यापक में विचारों का आदान प्रदान

231101उदयपुर। आज का भावी शिक्षक लोकमान्य कर्त्तवयनिष्ठ एवं पूजीवाद से दूर समाज निमार्ण में मागदर्शक के रूप में शिक्षित होकर समाज का निर्माण राष्ट्रहति में करें। जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है जो अपनी गलतियों से कुछ न कुछ अवश्यं सीखे और कभी हार नहीं माने।

ये विचार मंगलवार को जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संघटक लोक मान्य तिलक शिक्षक महाविद्यालय के बीएड बाल विकास एमएड तथा एसटीसी के छात्र-छात्राओं को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने मुख्य अतिथि के पद से व्यजक्तस किए। उन्हों ने कहा कि छात्रों को हमेशा अपने लक्ष्य पर टीके रहना चाहिए। अगर आपका मन लक्ष्य को पाने के लिए तटस्थ है तो आपको सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शशि चित्तौड़ा ने की। सास्कृतिंक प्रभारी डॉ. वृन्दा शर्मा ने बताया कि समारोह में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जिसमे गुरू वंदना माई टीचर प्रमुख रहे : डॉ. सरोज गर्ग, डॉ. रचना राठौड़, डॉ. देवेन्द्र आमेटा, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. अमित बाहेती, डॉ. अमी राठौड़, डॉ. सुनिता मुर्डिया सहित सभी प्राध्यापक उपस्थित थें। संचालन डॉ. अमित दवे ने किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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