शिक्षा में नए प्रयोग व परिवर्तन आधारित पाठ्यक्रम जरूी : राज्यपाल

BY — December 22, 2016

सुखाडि़या विश्वविद्यालय का चौबीसवां दीक्षांत समारोह

उदयपुर। राज्यपाल कल्याणसिंह ने कहा कि विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत को समृद्ध बनाने के लिए नवीन प्रयोग एवं परिवर्तनों को समझकर वैज्ञानिक सोच के साथ अद्यतन पाठ्यक्रमों को लागू करने की जरूरत है।

राज्यपाल सिंह गुरुवार को मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित विश्वविद्यालय के 24 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि साइबर तकनीक के युग में साइबर एप्लीकेशन, साइबर सिक्यूरिटी एवं साइबर लॉ से संबंधित कोर्सेज शुरू किए जाने की महती आवश्यकता है, जिन्हें विद्यार्थी कौशल विकास के रूप में अपनाकर राज्य एवं देश की बेहतरी में उल्लेखनीय योगदान दे सकें।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का जीवन में बहुत महत्त्व है। ज्ञान आपको समाज के कल्याण में प्रवृत्त करता है। इसलिए ज्ञान ऐसा होना चाहिए जो आपको सभी तरह की पराधीनताओं से मुक्त कर सके। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की समझ हमें शिक्षा से ही मिलती है। स्वतंत्रता का हमारा अनुभव वयस्क हो गया है, हमारी चेतना और ज्ञान पर विदेशी प्रभाव है, उससे हमें मुक्त होने की ज़रूरत है। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपने शोध और पाठ्यचर्चाओं में आधारभूत परिवर्तन करने की बात कही जिसमें हमारी चेतना और ज्ञान की निर्भरता विदेश के बजाय हमारी अपनी संस्कृति, परंपराओं के मूल्यों पर आधारित हो।
उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति का उद्धृत करते हुए कहा कि सामाजिक जीवन में समग्र व्यक्तित्व से शरीर, मन, बुद्धि एवं आत्मा के द्वारा परिवार, समाज एवं देश व प्राणी मात्र के कल्याण के लिए सीमान्त पर्व ही दीक्षान्त है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार सुदूर आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सर्व सुलभ अवसर प्रदान करने की दिशा में गोगुन्दा, झाड़ोल व कोटड़ा में महाविद्यालयों की स्थापना एवं जनजाति विश्वविद्यालय को बांसवाड़ा में स्थापित करना राज्य सरकार की शिक्षोन्नयन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सुखाडि़या विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी शर्मा, पेसिफिक उच्चतर शिक्षा व अनुसंधान अकादमी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रसाद शर्मा ने भी विचार व्यिक्ति किए। आरम्भ में राज्यपाल का विश्व विद्यालय पहुंचने पर पारम्पिरिक रूप से स्वागत किया गया। एवं सशस्त्र पुलिस जवानों ने राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। राज्यपाल सिंह ने दीप प्रज्वलन कर दीक्षान्त समारोह का विधिवत् शुभारम्भ किया और समारोह आरम्भ की घोषणा की।
समारोह में 178 को डिग्री एवं गोल्ड मैडल : समारोह में पहला चांसलर गोल्ड मैडल जहां इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी की हीना धाभाई को दिया गया वहीं कुल 52 गोल्ड मैडल में से 39 मैडल छात्राओं के नाम रहे। 24 वें दीक्षांत समारोह में कुल 124 पीएचडी डिग्रियों का वितरण किया गया जिसमें से 55 छात्राओं ने पीएचडी हासिल की।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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