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‘सिर्फ दोस्त नहीं जिन्दगी है किताबें’

BY — April 23, 2017

विश्व पुस्तक दिवस

उदयपुर। किताबों की दुनिया बड़ी रोचक है इनकी दुनिया में हर सवाल का जवाब मिलता है चाहे जितना गुढ विषय हो तो बेहतरीन ढंग से किया गया किताबों का अध्ययन सभी जिज्ञासाओं को शांत कर देता है। जीवन के किताबें किसी के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन जाती है तो कोई इनमें अपना जीवन तलाश कर इसका संग्रहण कर लेता है।

उक्त विचार रविवार को विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के केन्द्रीय पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने छात्रों से कही। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि डिजिटल वलर््उ ने पुस्तकेंों के दायरे को बढ़ाया है । बदली लाईफ स्टाईल के कारण लोगों की आदतों में भी काफी बदलाव आया है डिजिटल से जुड़ने के बाद ऑनलाईन बुक्स रिडिंग के कन्सेप्ट आम जन ने अपना लिया है। कम्प्युटर विभाग के निदेशक डॉ. मनीष श्रीमाली डॉ. पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. घनश्यामसिंह भीण्डर दिनेश श्रीमाली सम्पत राठौड़, किशन सिंह राव, ललित सिंह राणावत भी उपस्थित थे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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