वीणा के तारों ने किया झंकृत, ज्वलंत मुद्दों पर उभरे समवेत स्वर

BY — December 18, 2017

33 वां पश्चिम क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालयी सांस्कृतिक युवा महोत्सव समवेत का चौथा दिन
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की मेजबानी, समापन आज

उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की मेजबानी में चल रहे 33 वें पश्चिम क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालयी सांस्कृतिक युवा महोत्सव समवेत के चौथे दिन सैकड़ों उत्साही युवा दर्शकों के बीच कहीं युवा साजिंदों ने सुरों की महफिल सजाकर दिलों के तार छेड़ दिए तो कहीं रंगोली में देशप्रेम, दोस्ती और स्नेह के रंग भर दिए।

कहीं वेस्ट से बेस्ट बनाकर देखने वालों को नया नजरिया और अंतदृष्टि प्रदान की तो वाद-विवाद में ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से शानदार और लाजवाब तर्क देकर दिल जीत लिया। यही नहीं, स्किट्स में अभिनय के माध्यम से व्यवस्था पर चोट करते समवेत’ स्वर भी उभरे।
थर्ड जेंडर भी चला सकता है देश : डॉ सीमा जालान, डॉ देवेंद्र राठौड़ ने बताया कि यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम के विवेकानंद सभागार में स्किट्स में 22 विश्वविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया। डॉ बाबा साहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विवि ओरंगाबाद ने ’’भ्रष्टाचार’’ थीम पर राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। इसमें बताया गया कि जब एक ही पार्टी सत्ता में बार-बार आती है तो तानाशाही, एकाधिकार की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विवि नांदेड़ की प्रस्तुति में बताया कि थर्ड जेंडर भी देश व सरकार को चला सकते हैं। ’कड़ीसर्वा विवि गुजरात ने प्रस्तुति में बताया कि आज भी भारत मानसिक गुलामी की जंजीरों में जकड़ा, पाश्चात्य संस्कृति को अपना कर अपनी संस्कृति को भूलता जा रहा है। पारूल विवि गुजरात टीम ने ’’मानव बना दानव’’ थीम पर स्वार्थ, लालच, गुस्सा, भूख, हवस विषयों को समाहित करते हुए बताया कि इनके वशीभूत होकर मानव कैसे दानव बन जाता है। वनस्थली विश्वविद्यालय निवई ने कृष्ण-सुदामा की दोस्ती पर चुनावी चकल्लस का रंग चढ़ाकर नए अर्थों में प्रस्तुत कर खूब दाद पाई। इसके अलावा ’’भारत देश महान’’, ’’’पर्यावरण बचाओ’, ’’सोच बदलो, देश बदलेगा’’ और रोबोट के माध्यम से एड्स पीड़ित बेटे की उलझनों, हालात के मारे माता-पिता की बेबसी और उन सबके बीच रिश्तों के बिखरते ताने-बाने को दर्शाया।
सुरवर्षा और जुगलबंदी : डॉ रोहिणी त्रिवेदी, डॉ नेहा पालीवाल ने बताया कि न्यू गेस्ट हाउस में क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल में मुंबई यूनिवर्सिटी के अभिषेक केलकर ने हार्मोनियम पर, तबले पर वैष्ण चौहान, जीटीयू के हार्दिक जोशी वायलिन, तबले पर धवल, शिवाजी यूनिवर्सिटी कोल्हापुर के वहर्दराज भासले ने सितार, तबले पर वैष्णव, एनकेबीयू भावनगर के शरद ने हार्मोनियम, तबले पर कुशल, पारूल विवि के प्रखर शर्मा ने बांसुरी, चिराक सोलंकी ने तबले, एसएनडीटी विवि की केतकी गोहे ने सितार पर व तबले पर संदेश कदम ने सुरों का संसार सजा। सुविवि के भुवन शर्मा हार्मोनियम पर व तबले पर ओम कुमावत ने राग किरवानी पर त्रिताल की प्रस्तुति दी।
वाद-विवाद में तरकश से निकले तर्कों के तीर : एफएमएस में वाद विवाद ’’इंटरनेट का बढ़ता दायरा युवाओं की रचनात्मकता को खत्म कर रहा है’’ विषय पर 25 विश्वविद्यालयों के 50 प्रतिभागियों ने पक्ष-विपक्ष में अपने तर्क रखे।
ताल, जपताल, त्रिताल में सजा अभिनय संसार : ‘समवेत’ के कार्यक्रम संयोजक डॉ. मदनसिंह राठौड़, आयोजन सचिव प्रो. अनिल कोठारी, ने बताया कि सीटीएई प्लेसमेंट सभागार में क्लासिकल डांस में शोलापुर विवि ने भरतनाट्यम में देवी स्तुति, भगवान शिव की स्तुति और माता की स्तुति की। कोल्हापुर विवि ने कथक में ताल, जपताल में वंदना व शिव वंदना की। पारूल विवि ने भरतनाट्यम में नटनम अडिनार किया। वनस्थली ने कथक में तीन ताल का संसार सजाया। आईआईटीई गांधीनगर ने कथक में ताल, ़ि़त्रताल और अभिनय में गजल कहीं। भावनगर ने कथक में ताल, पक्ष व अभिनय में होली नृत्य प्रस्तुत किया। जयनारायण व्यास विवि जोधपुर की ख्याति जाजो ने भक्तिमति मीरा के भजन के अंत में 120 बार गोल घूमकर अचंभित कर दिया।
वेस्ट से बेस्ट बनाकर किया अचंभित : कला महाविद्यालय के मैदान में इन्स्टोलेशन में 14 टीमों ने भाग लिया। थीम ’’बेस्ट आउट ऑफ द वेस्ट’’ था। सुखाड़िया विवि की टीम ने राष्ट्रीयता को चरखे और तिरंगे के साथ दर्शाया। सुविवि के जयेश, मुक्ता शर्मा, जगदीश और उदय सुथार ने बताया कि उन्होंने शांति का प्रतीक सफेद कबूतर, राष्ट्रीय एकता का प्रतीक चरखा बनाया। वनस्थली के शांति, सृष्टि, आर्य व नवनीत ने अंधकार में शिक्षा के उजियाले का संदेश दिया। एसएनडीपी मुंबई की साक्षाी, अस्तिमा, आरती, अपूर्वा ने नारी शक्ति पर वेस्ट बोटल्स का इस्तेमाल कर आर्ट बनाया। ’’निरस्त्रीकरण’’, ’’शांति का संदेश’’, ’’पर्यावरण संरक्षण पर संदेश’’ आदि विषयों पर भी कलात्मक प्रस्तुतियां भी दर्शकों को खूब पसंद आई। कला महाविद्यालय में रंगोली का संसार सजा जिसमें 19 टीमों ने फोक, आर्ट, ज्योमेटिकल शेप, मांडना आदि सजाए।
भाव यंत्र रोबोट बना आकर्षण का केंद्र : सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी राजकोट की शिवानी गाज्जर आसिफ अजमेरी निर्देशित ड्रामा में ’’’भाव यंत्र’ में रोबोट बनकर शानदार प्रस्तुति दी। थीम ’टेक्नोलॉजी कांट रिप्लेस ह्यूम फीलिंग्स’ व ’पेरेंट्स नीड टू बी पॉजेटिव टूवर्ड्स देयर चिल्ड्रन एंड हेव अ पॉजिटिव एटीट्यूड’ थी। रोबोट का किरदार दर्शकों को इतना पसंद आया कि प्रस्तुति के बाद सेल्फी लेने वालों की होड़ मच गई।
समापन आज : आयोजन के मीडिया कोर्डिनेटर प्रो़ संजय लोढ़ा ने बताया कि मंगलवार को युवा महोत्सव समवेत का समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह सुविवि के विवेकानंद सभागार में सुबह 11 बजे होगा। मुख्य अतिथि कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री भारत सरकार, गजेंद्रसिंह शेखावत होंगे। विशिष्ट अतिथि सुनील अम्बेकर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री एबीवीपी, प्रो बीपी शर्मा, अध्यक्ष पेसिफिक विवि, प्रो कैलाश सोडानी कुलपति, गुरू गोविंद जनजाति विवि करेंगे जबकि अध्यक्षता सुविवि कुलपति प्रो जेपी शर्मा होंगे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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