धर्म पराक्रम से ही संयम पथ पर अग्रसर

BY — April 20, 2018

दीक्षार्थी खुशबू का स्वागत समारोह
18 जुलाई को चेन्नई में आचार्य श्री महाश्रमण से लेंगी दीक्षा

उदयपुर। जैनोलॉजी में एमबीए और एमए खुशबू आछा 18 जुलाई को चेन्नई में आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में समणी दीक्षा लेंगी। शुक्रवार को उनका श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा द्वारा भव्य स्वागत, अभिनन्दन सुखेर में किया गया।

इस अवसर पर आयोजित समारोह को शासन श्री साध्वी गुणमाला ने सम्बोधित करते हुए कहा कि दीक्षा तब होती है, जब भीतर का भगवान जागता है। भीतर का ज्ञान जागता है। व्यक्ति की नहीं उसके गुणों की पूजा होती है। आज का यह सम्मान समारोह त्याग और तपस्या का सम्मान समारोह है। साध्वी प्रेक्षाप्रभा, लक्ष्यप्रभा एवं नव्यप्रभा ने रोचक रूपक के माध्यम से वैराग्य के पथ को वीर पथ प्रतिपादित किया।
समारोह को सम्बोधित करते हुए दीक्षार्थी बहिन खुशबू ने कहा कि धर्म पराक्रम करके ही संयम पथ पर आगे बढ़ा जा सकता है। मेरा संयम पराक्रम बढ़ता रहे, संघ संस्कार प्रवर्धमान होता रहे। आप मेरे स्वागत के उपलक्ष में कोई न कोई संकल्प अवश्य ग्रहण करे। समारोह में मंगलाचरण सोनल सिंघवी ने प्रस्तुत किया। वक्तव्य के माध्यम से सभाध्यक्ष सर्यप्रकाश मेहता, परिषद उपाध्यक्ष अजित छाजेड़, मांगीलाल हिरण आदि ने भी सम्बोधित किया। संचालन सभा उपाध्यक्ष सुबोध दुगड़ ने एवं आभार सभा मंत्री राजेन्द्र बाबेल ने ज्ञापित किया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में आचार्य श्री महाश्रमण की सुशिष्या साध्वी गुणमाला, सहवर्तिनी साध्वी प्रेक्षाप्रभा, लक्ष्यप्रभा एवं नव्यप्रभा चार्तुमास उदयपुर में होगा। साध्वी गुणमाला का संसारपक्षीय तलेसरा परिवार उदयपुर का ही निवासी है। साध्वी श्री गंगाशहर से 2 माह में लगभग 550 किमी का विहार कर उदयपुर पधारी हैं। उदयपुर में उनके आगमन पर स्वागत अभिनन्दन कार्यक्रम शनिवार सुबह 9 बजे महाप्रज्ञ विहार में होगा।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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