325 युवाओं ने सुरक्षा अग्रदूत बन पंचायत को सुरक्षित करने की ली शपथ

BY — April 27, 2019

हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से हेलमेट एडवोकेसी कार्यशाला
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की सड़क सुरक्षा एडवोकेसी योजना के अन्तर्गत आॅल इण्ड़िया फेडरेशन आॅफ मोटर व्हीकल डिपार्टमेन्ट द्वारा हिन्दुस्तान जिंक , स्टील बर्ड एवं राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के सहयोग से स्पोर्ट काॅम्पलेक्स, हिन्दुस्तान जिंक देबारी मे दो पहिया हेलमेट सड़क सुरक्षा अग्रदूतो की कार्यशाला आयोजित की गयी।
कार्यशाला में प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत, कुलपति जनार्दन राय नागर विश्वविद्यालय ने हेलमेट एडवोकेसी अभियान के तहत युवा ग्रामीणों को प्रशिक्षण के साथ रियायती दर पर हेलमेट वितरण कर सडक सुरक्षा अग्रदूत के रूपमें शपथ दिलाने की सराहना करते की तथा युवा समिति सदस्यों को मिशन की मेरा गांव-मेरी पहल थीम पर समर्पण भाव से सडक सुरक्षा पर कार्य करने का आह्ावान किया। कुलपति ने सभी अग्रदूतों को शपथ भी दिलायी।

यातायात पुलिस उप अधीक्षक पर्वत सिंह ने कहा कि अब तक हेलमेट के बारे में व्हाटसअप पर एक संदेश बहुत लोकप्रिय हुआ जो अब सार्थक होने जा रहा है, राजस्थान सडक सुरक्षा सोसायटी आधी कीमत में उच्च क्वालिटी के हेलमेट इस अभियान के तहत पूरे जिले के सभी दोपहिया वाहन चालकों को सडक सुरक्षा प्रशिक्षण के उपरान्त उपलब्ध होगा।
ऋतु चैहान, सचिव, राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी ने सड़क सुरक्षा को एक ज्वलन्त मुद्दा बताते हुए गांवों मे पिछले 5 वर्षो से चलाये जा रहे राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागृति मिशन के तहत गठित सड़क सुरक्षा युवा समिति के 325 से अधिक सदस्यों को ‘‘मेरा गांव – मेरी पहल‘‘ के तहत स्वयं की सुरक्षा के साथ दूसरों की सुरक्षा के लिए सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनकर कार्य करने का आव्हान किया।
परिवहन विभाग के मोटर वाहन निरीक्षक विपिन माहेश्वरी ने सभी सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को वाहन चलाने से पूर्व एवं बाद में रखी जाने वाली सावधानियों को क्रमबद्ध तरीके से विस्तार से बताया। डा.ॅ वीरेन्द्र सिंह राठौड,़तकनीकी सलाहकार, सडक एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार,नई दिल्ली तथा परियोजना प्रमुख, राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागृति मिशन ने आॅड़ियो वीडियो के माध्यम से प्रस्तुति देतेे हुए हेलमेट लगाने, दुर्घटना की स्थिति में निकालने एवं दो पहिया वाहनो के सुरक्षा उपकरणो, देखरेख, मरम्मत अधिकतम गति सीमा हाइवे पर अन्य मार्ग पर गांव/शहर के सीमा में आदि के साथ सड़क सुरक्षा के सभी मानको के बारे में स्थानीय भाषा मे विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
राजस्थान मे कुल वाहन 162 लाख है जिसमें से दो पहिया वाहन 123 लाख है,जो कि 76 प्रतिशत है। इसी प्रकार उदयपुर जिले मे कुल वाहन 4.5 लाख है जिनमें दो पहिया वाहन 3.5 लाख है जो कि 77.76 प्रतिशत है। भारत में वर्ष 2017 में हेलमेट न पहनने से 48746 लोगो की मौत हुई वहीं राजस्थान में इसी वर्ष 2850 लोगो की मौत हुई लेकिन वर्ष 2018 में जागरूकता के कारण 1563 लोगो की हेलमेट न पहनने से मौत हुई। उदयपुर में वर्ष 2018 में दो पहिया वाहनों के द्वारा कुल 359 दुर्घटनाएं हुई जिसमें मृतकों की कुल संख्या 155 एवं घायलो की कुल संख्या 331 हैं तथा इनमें से 131 मृतको की मौत का व 281 घायलो के घायल होने का मुख्य कारण हेलमेट नहीं पहनकर दोपहिया वाहन ड्राइव करना रहा हैं।
हिन्दुस्तान जिंक देबारी, पीयूष वर्डिया एचआर हैड, रामलाल शर्मा हैड इलेक्ट्रीकल, साधना वर्मा हैड पर्यावरण, महेन्द्रसिंह राठौड एवं नीतू राठौड सेफ्टी अधिकारी अनु अनमोल सीएसआर अधिकारी, ने जिंक की ओर से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिंक परिसर के अन्दर एवं बाहर अवेयरनेस के कार्यक्रमों की जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पेनल अधिवक्ता संदीप दाधीच व न्यायिक सहायक संतोष मेनारिया, स्टील बर्ड की जी.एल.एल. इण्डस्ट्रीज की प्रतिनिधि एजेन्सी रोड़ सेफ्टी डिवाइसेज एवं इक्यूपमेन्ट की ओर से राजेन्द्र सिंह उपस्थित थे। राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के प्रशिक्षक हितेश लौहार एवं परियोजना कार्यकारी पी.सी.जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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