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गीत-संगीत से वरिष्ठ नागरिक सराबोर

BY — July 9, 2019

ओ हसीना जुल्फों वाली जानें जहां….
उदयपुर। वरिष्ठ नागरिक क्लब मुस्कान की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिये संगीत संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें संगीत प्रेमियों ने मधुर स्वरों में फिल्मी गीतों को अपनी आवाज देकर माहौल में समां बांध दिया।

श्रद्धा गट्टानी व शोर्य ने युगल स्वरों में ‘ओ हसीना जुल्फों वाली जानें जहंा…‘,‘बड़ अच्दे लगते है…‘ शोर्य ने ‘तेरा मुझसे है पहले नाता कोई…‘,‘तू नहीं दिल बुराता नहीं…‘,गायक फैय्याज खां ने फिल्म बेजू बावरा का गीत मांग पर सुनाया। इस अवसर पर उन्होंने गज़ल ‘दिलजंला के मुस्कराते है,वो आपनी आदत कब बाज आते है…‘,‘हम तेरे शहर में आये है मुसाफिर की तरह,सिर्फ एक बार मुलाकात का दें दे…‘, इस अवसर पर कौशल्या गट्टानी ने ‘‘दुनिया में आये है तो जीना पड़ेगा,जीवन है अगर तो जहर पीना ही पड़ेगा..‘ भजन गाया तो सभी उसी में खो गये।
शोर्य ने ‘ऐ जिन्दगी लगा ले….‘,‘ये शाम मसतानी,मदहोश किये जा..‘,‘तुझे सब पता है मेरी मां…‘,श्रद्धा गट्टानी ने ‘वो दिल कहां से लाउं तेरी याद जो भुला दें…‘,‘अहसान तेरा होगा मुझ पर,दिल चाहता है तो कहनें दो..‘,‘तुम आयें तो आया मुझे याद गली में आज चंाद निकला…‘,‘मेरे हम सफर,मेरे पास आ ,मेरे पास आ…‘,‘सुना रहा है ये शमांसुनी सुनी सी दास्तां…‘,श्रद्धा व शोर्य ने युगल स्वर में ‘जब कोई बात बिगड़ जाय जब कोई मुश्किल में पड़ जाये तुम देना साथ मेरा,ओ हम नवाज….‘,श्रद्धा गट्टानी ने राजस्थानी गीत ‘मारो हैलो सुणो जी रामा पीर..‘ को अपनी आवाज दी तो सभी ने मुक्तकंठ से सराहना करते हुए तालियों की भरपूर दाद दी।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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