कोविड -19 के लिए वेदांता ने योगदान बढ़ाकर किया 201 करोड़

BY — April 3, 2020

वेदांता ने पीएम-केयर फंड में 101 करोड़ का योगदान दिया, दैनिक आजीविका पर निर्धारितों के लिए देश में 10 लाख भोजन की प्रतिज्ञा, अगले एक माह में प्रतिदिन 50,000 से अधिक घुमंतु पशुओं को देगा आहार
वेदांता ने प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति (राहत-बचाव) कोष में अपने पूर्व के 100 करोड के कोष को दूगुना कर अब 201 करोड का योगदान दिया है। जो देश भर में बड़े पैमाने पर समुदायों को राहत के उपाय प्रदान करने के सहायक होगा।

पीएम-केयर फंड में यह योगदान वेदांता के 100 करोड़ के कोष बनाने की पूर्व की पहल की प्रतिबद्धता को पूरा करेगा, जो तीन विशिष्ट क्षेत्रों में पूरे देश में दैनिक आजीविका वाले श्रमिकों की भोजन सहायता, निवारक स्वास्थ्य देखभाल के साथ साथ कंपनी के विभिन्न संयंत्र स्थानों एवं आसपास के समुदायों को सहायता प्रदान करेगा। विशेष रूप से इस कोष को गरीब और असहाय जरूरतमंद वर्गों पर इस महामारी से आए भोजन के संकट एवं 50 हजार घुमंतु पशुओं को प्रतिदिन आहार देने में उपयोग में लिया जाएगा।
स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराने के तहत् वेदांता द्वारा केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के साथ अनुबंध कर देश में ही पीपीई निर्माण के लिए चीन से 23 मशीनों का आयात करना सुनिश्चित किया है। जिला चिकित्सालयों के साथ सहयोग कर चिन्हीकरण, कीटाणुनाशक स्प्रे, चिकित्सा उपकरण, और दवाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए सहयोग किया जा रहा है। बाल्को चिकित्सालय , नया रायपुर छत्तीसगढ़ में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा में 100 बिस्तरों वाला चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है वहीं जोधपुर में बड़े केयर्न सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को एक क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में परिवर्तित करने के लिए प्रशासन को सौंप दिया गया है। पिछले एक सप्ताह में, वेदांता ने ग्रामीण समुदायों में 1 लाख से अधिक मास्क और 15500 से अधिक साबुन और सेनेटाइजर प्रदान किए हैं। 263 गांवों में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया है। कर्मचारी सुरक्षा और कल्याण के तहत् कोविड-19 महामारी के दौरान सभी कर्मचारियों के लिए अपोलो अस्पताल द्वारा संचालित 24 घंटे स्वास्थ्य देखभाल हेल्पलाइन की सुविधा प्रदान की जा रही है। जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर सभी स्थानों पर निवारक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के साथ साथ कर्मचारी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए गए है । वेदांता के कर्मचारियों द्वारा 1 दिन का वेतन दिया जाएगा जो कंपनी द्वारा सीएम राहत कोष के माध्यम से स्थानीय समुदायों को तत्काल राहत उपाय प्रदान करने में मदद के लिए उपयोगी होगा।
वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि “यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि कोई भी भूख से न मरे। उन्होंने सरकार से अपील की है कि प्रवासी मजदूरों को अगले तीन महिनों के लिए हर महिने कम से कम 8,000 रु प्रदान करें। सरकार द्वारा आवश्यक उत्पादों के परिवहन की अनुमति दी गयी है। यह भी महत्वपूर्ण है कि राजमार्गों पर ढाबों और भोजन की सुविधा वाले स्थान ट्रक चालकों के लिए खुले रहें। हम इस संबंध में किसी भी पहल का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। ” श्री अग्रवाल ने कहा, कि यह लघु और मध्यम एवं महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो देश की अर्थव्यवस्था को बनाए रखने में योगदान देते हैं तथा 25 प्रतिशत कार्यबल के साथ काम करते हैं, क्योंकि वे आवश्यक सेवाएं हैं और निरंतर प्रक्रिया की श्रेणी में हैं और वे सभी सुरक्षा और स्वच्छता, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन करते हैं।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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