आत्म निर्भर भारत में रसायन विज्ञान का योगदान

BY — June 18, 2020

पेसिफिक विश्वविद्यालय के रसायन विभाग एवं पीजी स्टडीज़ के संयुक्त तत्वावधान में एक वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसके अन्र्तगत भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रसायन विज्ञान के योगदान का विवेचन प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में प्रारम्भ में प्रो. सुरेशचन्द्र आमेटा ने भारत द्वारा कोराना विपत्ति के समय हाईड्रोक्लोरोक्विन औषधि का विभिन्न देशों को देना इस क्षेत्र में भारत के सामथ्र्य को प्रदर्शित करता है। वेबीनार का आरम्भ मुंगेर विश्वविद्यालय (बिहार) के कुलपति प्रो. रणजीत कुमार वर्मा के बीज भाषण (की नोट एड्रेस) से हुआ। जिसमें उन्होंने गुणवत्तापूर्ण रसायन शिक्षा, अकादमी और उद्योगों के बीच प्रभावी सम्वाद तथा रसायन विज्ञान के जीवन के सभी आयाम में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। आमन्त्रित व्याख्यान में डाॅ. भावेश पटेल ने अपने व्याख्यान में फार्मासुटिकल्स, ऐग्रो केमिकल्स के क्षेत्र में नवाचार तथा एपीआई के उत्पादन हेतु रसायनज्ञों को आगे आने का आहृान किया। ताकि भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकें। इस अवसर पर पी.जी. डीन प्रो. हेमन्त कोठारी ने वेबीनार को सफल बताते हुए शोध के क्षेत्र में युवा पीढ़ी को आगे आने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. नीतू शोरगर एवं डा. रामेश्वर आमेटा, अधिष्ठाता, विज्ञान संकाय ने किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों के साथ प्रश्न – उत्तर का कार्यक्रम प्रभावी रहा। विज्ञान महाविद्यालय के निदेशक डाॅ. गजेन्द्र पुरोहित ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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