सीआईआई की विश्व पर्यावरण दिवस प्रतियोगिता में हिंद जिंक ने जीते चार पुरस्कार

BY — June 7, 2021

कंपनी की दो इकाइयां राजपुरा दरीबा खदान और चंदेरिया लेड.जिंक स्मेल्टर ने जीता उत्कृष्ट पुरस्कार
उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक पर्यावरण संरक्षण एवं संतुलन के लिए नवाचार करने में विश्वास करती है और यह अपने फिलोशिप के लिए सच भी हैए सीआईआई द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में हिन्दुस्तान जिंक ने चार पुरस्कार जीते हैं। हिन्दुस्तान जिं़क ने हमेशा अपने संचालन को और अधिक सस्टेनेबल बनाने के लिए टेक्नोलाॅजी में लगातार निवेश करने के लिए कई पर्यावरण अनुकूल प्रेक्टिसेज को अपनाया है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए कंपनी ने बेहतर कदम उठाए हैं तथा इसी के परिणास्वरूप कंपनी ने इन बदलावों के लिए कई अवार्ड भी प्राप्त किये हैं। इस प्रतियागिता में देश भर से कुल 52 कंपनियों ने भाग लियाए जिसमें से 15 कंपनियों को उत्कृष्ट की मान्यता प्रदान की गई है जिसमें दो इकाइयां हिन्दस्तान जिंक की है। हिन्दुस्तान जिंक की राजपुरा दरीबा खदान और चन्देरिया लेड.जिंक स्मेल्टर ने परियोजिना के लिए ष्केस स्टडी . कंपनियों द्वारा इकोलाजी रेस्टोरेशन के लिए मान्यता की श्रेणी में ष्उत्कृष्टष्पुरस्कार तथा राजपुरा दरीबा खदान में जैव विविधता पार्क का विकास और चंन्देरिया लेड.जिंक स्मेल्टर में वेस्ट डिस्पोजल साइट रिमेडियेशन का जारोफिक्स वेस्ट यार्ड की बहाली के लिए पुरस्कार जीता है।
राजपुरा दरीबा खान सबसे पुरानी भूमिगत सीसा.जस्ता खदानों में से एक है जिसने समग्र ऊर्जा खपत को कम करनेए ऊर्जा और दक्षता में सुधार पर निरंतर ध्यान देने के साथ अंतराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ऊर्जा प्रबंधन मानक आईएसओ 50001 को अपनाया है जो लंबे समय में जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद करता है। जैव विविधता पार्क परियोजना के तहतए राजपुरा दरीबा परिसर के आसपास लगभग 10 हेक्टेयर भूमि विकसित की गई हैए जहां स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करने के लिए 42 विभिन्न प्रजातियों के लगभग 50ए000 पौधे लगाए गये थेए जो पास के सिंचाई तालाब में आते हैं।

चंदेरिया लेड.जिंक स्मेल्टर दुनिया में सबसे बड़े सिंगल लोकेशन इंटीग्रटेड जिंक स्मेल्टिंग कोम्प्लेक्स में से एक है जहां उनका अपशिष्ट प्रबंधन और प्लांट में वेस्ट के उपयोग पर फोकस है। चंदेरिया टीम ने टेरी ;द एनर्जी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूटद्ध के सहयोग से अपने वर्तमान जेरोफिक्स वेस्ट डंप पर हरित क्षेत्र के विकास के लिए माइकोराइजा तकनीक का उपयोग किया है। टेक्नोलोजी एक पौधे और कवक के बीच एक सहजीवी संबंध हैए जहां पौधा कवक के लिए भोजन प्रदान करता है और कवक मिट्टी से पोषक तत्व ग्रहण करता है और सस्टेनेबल तरीके से खेती की प्रक्रियाओं में सुधारए उपजाऊ मिट्टी का कायाकल्प और बंजर भूमि को उत्पादक भूमि में सुधारता है।
ज्ञातव्य रहे कि 2000 से अधिक प्रतिभागियों में से 52 कोष्ओनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताष् के विजेताओं के रूप में अंतिम दौर के लिए चुना गया था, जिसमें हिन्दुस्तान जिंक के एचएसई विभाग से शमा जैन और तेजस बागरेचा विजेता रहे हैं। शमा जैन 12 वर्षों से अधिक समय से हिन्दुस्तान जिं़क से जुड़ी हुई है और सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग और कम्यूनिकेशन को जिम्मेदारी से संभाल रही है जबकि तेजस कंपनी की विभिन्न पर्यावरण संबंधी परियोजनाओं में सक्रिय रूप से शामिल है।
इस महामारी के दौरान हिन्दुस्तान जिंक ने विभिन्न अनिवार्य मानदंडों एवं विनियमों का पालन किया है। कंपनी ने महामारी की प्रतिक्रिया के रूप मेंए कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए काम करने के तरीके को बदलने के लिए विभिन्न उपाय भी लागू किये गये हैं। दिशानिर्देशों को कंपनी के सभी कार्यों के लिए केन्द्रीय रूप से लागू किया गया है, जिसमें व्यवसाय की लगातार और कार्यबल के लिए जोखिम के उन्मूलन के लिए परिभाषित जिम्मेदारियां थीं। संयंत्रों में हिन्दुस्तान जिंक ने सरकारी मानकों और प्रोटोकाॅल को लागू करके सभी सुरक्षा सावधानियां बरती है।
हिन्दुस्तान जिंक एक सीओपी 26 बिजनेस लीडर है और कार्बन फुटप्रिंट पर अंकुश लगाने के लिए विज्ञान.आधारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम रहा है। धातु और खनन क्षेत्र में डाॅव जोन्स सस्टनेबिलिटी इंडेक्स 2020 द्वारा कंपनी को एशिया प्रशांत में प्रथम और विश्व स्तर पर 7वां स्थान दिया गया है। यह एफटीएसई गुड इंडेक्स का भी सदस्य हैं और जलवायु परिवर्तन के लिए सीडीपी द्वारा प्रतिष्ठित ए सूची का हिस्सा बनने वाली भारत की केवल चार कंपनियों में से एक है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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