एसईईम नेशनल एनर्जी अवार्ड़स में हिंद जिंक के कैप्टिव पावर प्लांट्स को ट्रिपल गोल्ड

BY — July 8, 2021

चंदेरियाए दरीबा और जावर में कैप्टिव पावर प्लांट्, सीपीपी ने ऊर्जा दक्षता में सुधार के प्रयासों हेतु जीते पुरस्कार, तीन सीपीपी ने 4 मिलियन यूनिट एमयू, बिजली की ऊर्जा बचत और 12343 टन कार्बन की कमी में योगदान
उदयपुर। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक को ऊर्जा दक्षता में सुधार की दिशा में सर्वोत्तम प्रयासों के लिए एसईईएम अवार्ड्स में गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया हैए यह देश की जलवायु परिवर्तन और सतत विकास की दिशा में सहयोग की ओर अग्रसर होने का प्रमाण है।

कंपनी के चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर 234 मेगावाट, दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स कैप्टिव पावर प्लांट 160 मेगावाट, जावर कैप्टिव पावर प्लांट 90 मेगावाट को एसईईएम नेशनल एनर्जी मैनेजमेंट अवार्ड समारोह में गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार अपनी ऊर्जा खपत के निरीक्षणए ऊर्जा संरक्षण और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की प्रतिबद्धता को अपनाने के लिये हिंदुस्तान जिंक के निरंतर प्रयासों की मान्यता है।
इस पुरस्कार को प्राप्त करने के अवसर परए हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्राए ने कहा कि हमने हमेशा से डीकार्बोनाइजिंग फुटप्रिंट के वैश्विक प्रयास में योगदान में अपनी जिम्मेदारी को बखूबी पूरा किया है। हिंदुस्तान जिंक में हम कम कार्बन और कार्बन.न्यूट्रल प्रौद्योगिकियों पर अपना संचालन चलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इन वर्षों में हमने अपने कैप्टिव पावर प्लांट्स को अधिक हरा-भरा, विश्वसनीय, कुशल और सस्टेनेबल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी में लगातार निवेश किया है और अक्षय ऊर्जा के अपने पोर्टफोलियो में वृद्धि की है। इसने 12ए343 टन कार्बन की बचत और 4 मिलियन यूनिट बिजली की ऊर्जा बचत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
हरित ऊर्जा में निवेश के माध्यम से कंपनी के कार्बन फुटप्रिंट को स्थायी आधार पर कम करने के उद्देश्य के साथ, कंपनी ने अक्षय ऊर्जा व्यवसायों के लिए अपने संचालन का विस्तार भी किया है। कंपनी के कैप्टिव थर्मल, सोलर और वेस्ट हीट रिसाइकिलिंग पावर प्लांट इसके संचालन को कम लागत और विश्वसनीय बिजली प्रदान करते हैं।
वर्ष के दौरान कंपनी ने 83.43 मिलियन यूनिट की सौर ऊर्जा 203.13 मिलियन यूनिट की अपशिष्ट ताप ऊर्जा और 362.93 मिलियन यूनिट की पवन ऊर्जा का उत्पादन किया, जिससे हरित ऊर्जा के माध्यम से कार्बन में 551695 मीट्रिक टन की कमी हुई। वित्त वर्ष 2021 में कुल 1 मेगावाट ग्राउंड.माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्रों को प्रारंभ किया गया था, जिससे कंपनी की कुल सौर ऊर्जा क्षमता को कैप्टिव खपत के लिए 40.42 मेगावाट तक ले जाया गया। इसके अलावा कंपनी में वेस्ट हीट रिकवरी बॉयलरों के माध्यम से 35.27 मेगावाट की कैप्टिव क्षमता है। 273.5 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र पांच राज्यों में हैं और वितरण कंपनियों के साथ दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते के तहत हैं। ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए कंपनी ने 349.20 मेगावाट की हरित ऊर्जा में महत्वपूर्ण निवेश किया है।
हिंदुस्तान जिंक उद्धेश्य के साथ अग्रसर है जो कि संसाधनों के संरक्षण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और हित में सुधार पर केंद्रित है। कंपनी का लक्ष्य पर्यावरण सरंक्षण, जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अनुकरणीय उदाहरण बनना हैं।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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