Header Banner

10 वर्षों में वेदांता का सरकारी कोष में 2.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान

BY — August 31, 2021

कंपनी ने प्रस्तुत की 2020-2021 की टेक्स ट्रासंपैरेंसी रिपोर्ट
राष्ट्रीय कोष में 34,562 करोड़ रुपये का योगदान

दिल्ली/ मुंबई। कॉरपोरेट गवर्नेंस के उच्चतम मानकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए, वेदांता लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिए अपनी टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट के छठे संस्करण को प्रस्तुत किया है। रिपोर्ट में पारदर्शिता, हितधारकों के प्रति अधिक जवाबदेही, अनुपालन और भुगतान किए गए करों के माध्यम से समाज में आर्थिक योगदान के विवरण पर समूह का ध्यान केंद्रित किया गया है।

वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान राजकोष में वेदांता का योगदान 34,562 करोड़ रूपये है जो समेकित कारोबार का 40 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष के दौरान कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, वित्त वर्ष 21 में वेदांता का कर योगदान पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 550 करोड़ रुपये अधिक है।
कर योगदान में कॉर्पोरेट आय कर, रॉयल्टी, प्रोफिट आॅयल, और करों एवं अप्रत्यक्ष करों को रोकने के माध्यम से महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष योगदान शामिल हैं। पिछले 10 वर्षों में, कंपनी ने राष्ट्रीय कोष में कुल 2.74 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
वेदांता लिमिटेड देश का एकमात्र कॉर्पोरेट है जो इस तरह की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करता है जिसमें आर्थिक मूल्य उत्पन्न, करों का भुगतान और प्रत्येक व्यवसाय द्वारा योगदान जैसे प्रमुख पहलु शामिल है।
प्रत्यक्ष करों में, सरकारी कोष में कंपनी का योगदान निजी क्षेत्र की शीर्ष कंपनियों में है। वर्ष के दौरान 94,090 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष आर्थिक मूल्य सृजित किया गया है।
वेदांता समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल के अनुसार ‘‘जिम्मेदारी से कार्य हमारी कार्यशैली और संचालन का अभिन्न अंग है। पिछले 10 वर्षों में वेदांता ने सरकारी कोष में 2.74 लाख करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण कर योगदान दिया है।
हमें गर्व है कि हमारें उत्पादन से अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव पडता है एवं हमारें संचालन से हम समाज उत्थान में योगदान देते है। कर पारदर्शिता पर ध्यान वेदांता के प्रत्येक हितधारक के प्रति अधिक जवाबदेही और प्रतिबद्धता सुनिश्चित करता है।”
राजकोष में सबसे ज्यादा योगदान वेदांता के जिंक उद्योग द्वारा 15,034 करोड़ रुपये, जबकि केयर्न ऑयल एंड गैस द्वारा 8,585 करोड़ रुपये का योगदान दिया। एल्युमीनियम व्यवसाय ने कुल सहयोग में 5,017 करोड़ रुपये का योगदान दिया।
वेदांता द्वारा आंतरिक ‘टेक्स काउंसिल‘ का भी गठन किया गया है जो समग्र रूप से कर कार्यो के लिए शासी निकाय के रूप में कार्य करता है। कंपनी ने कर अनुपालन और रिपोर्टिंग के संबंध में सत्यनिष्ठा के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए मार्गदर्शक कर सिद्धांत को अपनाया है।
वेदांता लिमिटेड सरकार और समाज सहित कई हितधारकों के लिए दीर्घकालिक स्थायी मूल्य निर्माण में विश्वास करता है। पारदर्शिता मुख्य मूल्य होने के कारण, कंपनी कर मामलों को संक्षिप्त और सीधे प्रबंधित रूप से कर रिपोर्टिंग में अग्रणी है।
वेदांता ने पीएम केयर्स फंड में योगदान के माध्यम से कोविड -19 महामारी से राहत एवं बचाव में देश में पूर्ण सहयोग देते हुएम कई महत्वपूर्ण पहल की है, जिसमें पूरे भारत में 10 फील्ड अस्पताल स्थापित करना और ऑक्सीजन की आपूर्ति शामिल है, जिससे 15 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply