पीछोला झील में इलेक्ट्रिक बोट का लोकार्पण

BY — March 2, 2023

झील संरक्षण की दिशा में इलेक्ट्रिक बोट का संचालन महत्वपूर्ण कदम
उदयपुर। लेकसिटी की झीलों को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को निर्मल आबोहवा में झीलों की सैर की सौगात देने के लिए प्रशासनिक प्रतिबद्धता धीरे-धीरे रंग ला रही है। गत दिनों झीलों में स्पीड बोट्स के संचालन को रोकने के साथ पेट्रोल व डीजल संचालित बोट्स को इको फ्रेंडली इलेक्ट्रिक बोट्स में बदलने के निर्णयों पर अमल लाया जा रहा है। गुरुवार को इसी श्रृंखला में संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट और जिला कलेक्टर तारा चंद मीणा ने पीछोला झील में लीला पैलेस की नई 18 सीटर इलेक्ट्रिक बोट का फीता काटकर लोकार्पण किया।

लोकार्पण पश्चात् अतिथियों ने नई इलेक्ट्रिक बोट में पीछोला झील का एक राउंड लिया और पाया कि यह पेट्रोल-डीजल बोट्स की तुलना में यह अत्यधिक आरामदायक, कम शोर करने वाली एवं प्रदूषण रहित है। लोकार्पण से पहले अतिथियों का परंपरागत तरीके से स्वागत सत्कार किया गया एवं पर्यावरण व झील हित में इनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी भी दी। सम्भागीय आयुक्त और कलेक्टर ने इलेक्ट्रिक बोट संचालन की इस पहल की सराहना की। इस दौरान आरटीओ आर एल बामनिया, संयुक्त निदेशक (जनसम्पर्क) डॉ. कमलेश शर्मा, डीटीओ डॉ. कल्पना शर्मा, लीला पैलेस के जनरल मेनेजर निशांत अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
झीलों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी : संभागीय आयुक्त
सम्भागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट ने कहा कि झीलों से ही हमारा पर्यटन आबाद है, इनकी सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। झीलों को सुरक्षित रखने की दिशा में सभी संस्थाओं एवं इनसे जुड़े हर एक व्यक्ति को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने झीलों के संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक बोट का संचालन जरूरी कदम बताया और अन्य संस्थानों को भी इस दिशा में कार्य करने की बात कही।
जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने कहा कि उदयपुर को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए जिला प्रशासन भी निरंतर प्रयासरत रहता है जिसमें होटल मेनेजमेंट का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहता है।
इलेक्ट्रिक बोट की यह है विशेषताएं:
होटल लीला पैलेस के जनरल मैनेजर निशांत अग्रवाल ने बताया कि पीछोला झील में शुरू की गई यह नई इलेक्ट्रिक बोट उदयपुर की पहली 18 सीटर इलेक्ट्रिक बोट है। इसमें दो इंजन है, दो बैटरी हैं जो इसे अधिक गति और सुरक्षा प्रदान करते हैं। इस बोट की गति 7 नोटिकल माइल्स है एवं इतनी गति के बावजूद यह बोट काफी स्टेबल और आरामदायक है।
झील संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक बोट्स का संचालन जरूरी
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी पीएल बामनिया ने कहा कि काफी समय से प्रशासन द्वारा पेट्रोल-डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक बोट्स को प्रोत्साहित करने और इसके उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व उदय विलास में दो इलेक्ट्रिक बोट्स का संचालन किया गया जो सफल पाई गई। अब लीला पैलेस ने भी इलेक्ट्रिक बोट का संचालन आरंभ किया है जो सराहनीय कदम है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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