3 साल की बच्ची की श्वास नली से निकाला मक्के का दाना

BY — May 14, 2024

पीएमसीएच के चिकित्सको ने दिया नया जीवन
उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के कान नाक एवं गला रोग विभाग के चिकित्सकों ने 3 साल के बच्ची की श्वास नली में फॅसे मक्के के दाने को निकाल कर उसे नया जीवन दिया। दरअसल मघ्यप्रदेश के मंदसौर निवासी 3 बर्षीय बच्ची रियॉसी ने मक्के का दाना निगल लिया जो बच्ची की श्वास नली में फॅस गया। जिसके कारण उसे लगातार खांसी और सीने में दर्द के साथ साथ श्वास लेने में दिक्कत होने लगी। बच्चे की ऐसी स्थिति को देखतें हुए परिजन उसे तुरन्त पीएमसीएच की इमरजेन्सी में लेकर आए।

इमरजेन्सी में कान नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ.शिव कौशिक ने तर्परता दिखाते हुए तुरन्त बच्चें की जॉच करने पर पता चला कि बच्ची के दोनो फेफडो के बीच में श्वास नली में कुछ बीज जैसा फॅसा हुआ है जिसकी बजद से उसे श्वास लेने में तकलीफ हो रही है। बच्ची का तुरन्त ऑपरेशन करना जरूरी था। चिकित्सकों की टीम ने बिना समय गॅवाए बच्ची की बॉन्कोस्कापी करने का निर्णय लिया एवं सफलता पूर्वक मक्के के दाने का निकाल लिया गया। इस सफल ऑपरेषन में कान,नाक एवं गला रोग विभाग के डॉ.एस.एस.कौशिक,डॉ.रिचा गुप्ता,डॉ.प्रकाष औदित्य,डॉ.समीर गोयल एवं टीम का सहयोग रहा। कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ.शिव कौशिक ने बताया कि आमतौर पर इस तरह की समस्या होने पर डॉक्टर ऑपरेशन कर उस चीज को बाहर निकाल देते हैं। लेकिन बच्चे की कम उम्र को देखते हुए ऐसा करना बिल्कुल भी संभव नहीं था। इसके बाद चिकित्सको की टीम ने बच्चे को बेहोश कर दूरबीन द्वारा उसके मुंह के रास्ते से श्वास नली के अन्दर फॅसे हुए मक्के के दाने को बाहर निकाला।
डॉ.शिव कौशिक ने स्पष्ट किया कि अगर ऑपरेशन में अगर देरी हो जाती तो बच्ची की मक्के के दाने के फूलने के कारण श्वास नली के बन्द होने की बच्चें की जान भी जा सकती थी।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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