घाटावाली माताजी किसान उत्पादक कंपनी ने मनाया राष्ट्रीय दुग्ध दिवस

BY — November 26, 2024

हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से संचालित
डा वी जी कुरियन की जयंती पर घाटावाली माताजी किसान उत्पादक कंपनी ने उदयपुर जिले के देबारी के बिछड़ी में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया। 2022 में 30 लीटर दूध की मामूली दैनिक खरीद के साथ शुरू हुआ यह उद्यम अब 4 हजार गुना के दैनिक संग्रह तक बढ़ गया है। भविष्य में इसका महत्वाकांक्षी लक्ष्य 5 हजार लीटर लीटर प्रतिदिन है।

यह प्रगति किसान उत्पादक संगठन एफपीओ की मजबूत नींव का प्रमाण है जो एफपीओ कृषि इनपुट दुकानों के माध्यम से स्वच्छ दूध उत्पादन और गुणवत्ता वाले इनपुट उपलब्ध कराने पर जोर देता है। गाय के अमृत का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रांड गौयम विश्वास और गुणवत्ता का प्रतीक बनकर उभरा है और ए2 बिलोना घी, पनीर, छाछ, मावा और दही जैसे उत्पाद बनाता है। इसके उत्पादन ताज समूह द्वारा भी उपयोग में लिये जाते है जिसने इस वर्ष 30 लाख रुपये के डेयरी उत्पादों की खरीद की है जिससे किसानों की आय में और वृद्धि हुई है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त निदेशक पशुपालन विभाग डॉ शरद, सरस डेयरी उदयपुर के चेयरमैन डालचंद डांगी और क्रय प्रबंधक गजेंद्र सिंह ताज समूह एवं एसबीयू हेड जिंक स्मेल्टर देबारी विवेक यादव थे। इस अवसर पर जिंक स्मेल्टर देबारी के सुरक्षा प्रमुख अनूप केआर एवं सुरेंद्र वर्डिया बीएआईएफ आजीविका राज्य प्रमुख, सीएसआर टीम भी उपस्थित थी। एफपीओ के निदेशक मंडल के सदस्य चुन्नीलाल पटेल ने बताया कि एफपीओ से जुड़े डेयरी किसान एफपीओ को बेचे जाने वाले दूध पर प्रति लीटर 6.7 रुपये अतिरिक्त आय हो रही हैं जो समाधान पहल और एफपीओ की सफलता का प्रमाण है। सुरेंद्र वर्डिया ने गौयम ब्रांड को देशभर में विस्तारित करने, किसानों को स्वच्छ दूध उत्पादन के लिए प्रशिक्षित करने और पशुधन प्रजनन में सुधार करने की भविष्य की योजनाओं पर बल दिया। यह पहल किसानों के लिए सस्टेनेबल और लाभदायक भविष्य का निर्माण कर रही है। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस भारत की सबसे बड़े दूध उत्पादक के रूप में स्थिति और सामूहिक प्रयास की परिवर्तनकारी शक्ति की याद दिलाता है। विवेक यादव ने एफपीओ में दूध का योगदान बढ़ाने के महत्व पर बल दिया एवं अधिक शेयरधारक किसानों को दूध उत्पादन और संग्रह में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। सरस डेयरी के अध्यक्ष डालचंद डांगी ने किसानों को प्रेरित किया कि एफपीओ के सहयोग से प्राप्त ये किसान लाभांश अतिरिक्त आय ही बिछड़ी किसानों के लिए आय का स्थायी स्रोत सुनिश्चित करेगा। इस दौरान पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ शक्ति अरोड़ा ने स्वच्छ दूध प्रणाली के महत्व पर जानकारी देते हुए बताया कि यह कैसे बिछड़ी के किसानों को अद्वितीय बनाता है। कार्यक्रम के उपरान्त देबारी की महिला डेयरी किसानों को दूध के डिब्बे वितरित किए गए जिन्होंने एफपीसी की सफलता में योगदान दिया है। कार्यक्रम में कुल 90 किसान शामिल हुए।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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