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हिंदुस्तान जिंक की ग्रीन लॉजिस्टिक्स में मजबूत पहल

BY — September 9, 2026

माइंस से स्मेल्टर तक परिवहन में 30 इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल, रामपुरा आगूचा खदान से कॉन्संट्रेट परिवहन के लिए एमएफएल इंडिया लिमिटेड के साथ 6 वर्ष का एमओयू, इलेक्ट्रिक ट्रकों के संचालन के लिए विशेष ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा
उदयपुर। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी और वैश्विक स्तर पर शीर्ष दस चांदी उत्पादकों में शामिल हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने एमएफएल इंडिया लिमिटेड के साथ छह वर्ष का परिवहन अनुबंध किया है। इस एमओयू के तहत कंपनी अपने खान से स्मेल्टर तक के परिवहन नेटवर्क में 30 इलेक्ट्रिक ट्रकों को शामिल करेगी। यह कदम कंपनी के परिवहन तंत्र को अधिक पर्यावरण.अनुकूल बनाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इस अनुबंध को आगे दो वर्ष के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। इसके तहत विश्व की सबसे बड़ी भूमिगत जिं़क खदानों में से एक राजस्थान स्थित रामपुरा आगूचा से जिंक और लेड कॉन्संट्रेट को स्मेल्टर तक पहुंचाने के लिए पारंपरिक डीजल ट्रकों की जगह चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक ट्रक उपयोग में लिए जाएंगे। एमएफएल इंडिया लिमिटेड इन ट्रकों के लिए विशेष ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित और संचालित करेगी, जिससे इस औद्योगिक मार्ग पर विश्वसनीय इलेक्ट्रिक परिवहन का मजबूत ढांचा तैयार होगा।

इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि, भविष्य की खनन उद्योग की पहचान केवल उत्पादित धातुओं से नहीं, बल्कि उन्हें कितनी जिम्मेदारी और दक्षता के साथ उत्पादित और परिवहन किया जाता है, उससे होगी। कॉन्संट्रेट परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती हमारी उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है। यह दिखाता है कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयास प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के साथ.साथ हमारे साझेदारों और स्थानीय समुदायों के विकास में भी सहायक हो सकते हैं। हिंदुस्तान जिंक नई तकनीकों जैसे ईवी और एलएनजी वाहनों में अधिक निवेश की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एमएफएल के साथ मिलकर स्वच्छ परिवहन की ओर चरणबद्ध बदलाव पर कार्य कर रही है। इस दौरान स्थानीय ड्राइवरों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
एमएफएल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल ठुकराल ने कहा कि, हमें हिंदुस्तान जिंक के साथ मिलकर स्वच्छ औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने पर गर्व है। यह पहल दर्शाती है कि सही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन योजना के साथ बड़े परिवहन नेटवर्क में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को सफलतापूर्वक अपनाया जा सकता है। हम मिलकर सस्टेनेबल और पर्यावरण.अनुकूल लॉजिस्टिक्स का एक ऐसा मॉडल विकसित कर रहे हैं जो पर्यावरणीय लाभ के साथ दीर्घकालिक व्यावसायिक मूल्य भी प्रदान करेगा।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान हिंदुस्तान जिंक ने अपने संचालन में सामग्री परिवहन के लिए 42 नए इलेक्ट्रिक वाहन जोड़े हैं। इसके साथ कंपनी के ग्रीन लॉजिस्टिक्स में कुल 232 वाहन हो गए हैं, जिनमें 52 इलेक्ट्रिक वाहन और 180 एलएनजी वाहन शामिल हैं। कंपनी ने राजस्थान के राजपुरा दरीबा स्थित सिंदेसर खुर्द खदान में भूमिगत खनन कार्यों के लिए बैटरी आधारित इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत करने में अग्रणी भूमिका निभाई थी। इसके बाद कंपनी ने खनन उपकरणों, सामग्री परिवहन और कर्मचारियों की आवाजाही में भी स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों का उपयोग बढ़ाया है।
यह पहल हिंदुस्तान जिंक के वर्ष 2050 या उससे पहले नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य का हिस्सा है। कंपनी ने अपने ऊर्जा मिश्रण में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी लगभग 22 प्रतिशत तक बढ़ा ली है और रीन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिफिकेशन, एनर्जी एफिशिएंसी तथा लो कार्बन तकनीकों को अपने संचालन और मूल्य श्रृंखला में लगातार विस्तार दे रही है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.