उदयपुर। पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी, पाहेर विश्वविद्यालय में “आर्ट एंड क्राफ्ट के माध्यम से तनाव प्रबंधन” पर कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। आज के समय में विद्यार्थियों में अकादमिक दबाव और भविष्य की चिंताओं के कारण तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में आर्ट एंड क्राफ्ट एक प्रभावी थेरेपी के रूप में कार्य करता है। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने पेंटिंग, क्राफ्ट, ओरिगेमी और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से तनाव को कम करने और आत्म-अभिव्यक्ति के तरीकों को सीखा।
उन्होंने कहा कि कला न केवल मन को शांत करती है, बल्कि एकाग्रता, सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन को भी बढ़ावा देती है, जो फिजियोथेरेपी जैसे प्रोफेशन में अत्यंत आवश्यक है। दो दिनों तक चले इस रचनात्मक सत्र में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कला का प्रदर्शन किया।यह कार्यशाला 12 और 13 अक्टूबर 2026 को फेविक्रिल हॉबी आइडियाज के सहयोग से डॉ. राहीला घोड़च एवं टीम द्वारा आयोजित की गई। मुख्य अतिथि प्रोफेसर खुशब अग्रवाल रही। इस अवसर पर संस्थान के कुलगुरु प्रो. हेमंत कोठारी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता को बढ़ाती हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन में भी सहायक होती हैं।