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चढ़ते समय ट्रेन के नीचे आते बचा विकलांग

BY — March 18, 2014

आखिर कब जागेगा रेल प्रशासन

180303फतहनगर। सर्वाधिक यात्रीभार देने के बावजूद रेल प्रशासन अब तक कस्बे का रेलवे स्टेशन उपेक्षित है। प्लेाटफॉर्म नीचा होने के कारण होली की रात्रि को एक और हादसा होते बच गया। एक विकलांग ट्रेन पर चढ़ने के प्रयास में नीचे गिर पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उदयपुर-इन्दौर एकसप्रेस रात्रि को 9.40 बजे प्लेटफार्म पर रूकी। रेल वापस रवाना होने के साथ एक विकलांग गाड़ी में चढऩे के फेर में नीचे गिर पड़ा। संयोगवश ठीक रहा कि उसका कोई अंग पटरियों पर नहीं गिरा जिससे वह बच गया। उसने गाड़ी के गुजरने के दौरान ही उठने का प्रयास किया लेकिन प्रत्यक्षदर्शी लोगों ने उसे लेटे रहने की हिदायत दी। गाड़ी गुजरने के बाद विकलांग को सही सलामत पाकर लोगों की जान में जान आई। गाड़ी को दस मिनट के लिए रोक दिया गया। विकलांग ने बताया कि वह आगे से आ रहा था तथा गलती से आरक्षित डिŽबे में चढ़ गया था। कोच न. 3 में सवार इस विकलांग को टीटी ने प्लेटफार्म पर उतार दिया तथा पीछे वाले सामान्य कोच में जाने को कहा। बेचारा विकलांग आगे से चल कर पीछे तक गया और ज्यों ही चढऩे लगा रेल रवाना हो गई तथा वह धम्म से नीचे जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शी लोगों ने इस पर टीटी के खिलाफ आक्रोश भी व्यक्तट किया। जो भी हो लेकिन नीचा प्लेटफार्म वृद्धजनों एवं विकलांग लोगों के लिए तो खासा परेशानी भरा बना हुआ है। रेलवे ने कपासन का प्लेटफार्म ऊंचा करवा दिया लेकिन फतहनगर को अब तक उपेक्षित रखा हुआ है।
उल्लेनखनीय है कि गत दिनों कच्चा एवं नीचा प्लेटफार्म होने से ईंटाली निवासी वृद्ध की मौत के बाद लोगों द्वारा हंगामा करने पर आए रेलवे के क्षेत्रीय अधिकारी हरफूलसिंह चौधरी ने प्लेटफार्म का अवलोकन किया तथा निर्देश दिए। रेलवे ने इसके बाद कच्चे प्लेटफार्म का समतलीकरण करवा ग्रेवल डलवा दिया तथा वाहनों के स्टेशन परिसर में प्रवेश को बंद करने के लिए खंभे खड़े कर दिए। आम रास्ते को कंटीली झाडिय़ां डालकर बंद कर दिया लेकिन इसके बाद आगे कोई प्रगति नहीं हो पाई। रेलवे ने अब तक प्लेटफार्म ऊंचा उठाने को लेकर कोई संकेत नहीं दिए हैं जबकि सर्वाधिक वरीयता से इसी काम को करवाने के लिए पिछले दिनों नगर के जागरूक लोगों ने अभियान चलाया था।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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