उदयपुर। पेसिफिक पॉलिटेक्निक कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए “एआई के नवीनतम टूल्स” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। निदेशक डॉ. मुकेश श्रीमाली ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की नवीनतम तकनीकों, उनके व्यावहारिक उपयोग तथा आधुनिक शोध कार्यों में प्रयुक्त होने वाले उन्नत डिजिटल टूल्स की जानकारी प्रदान करना था।
मुख्य वक्ता डॉ. किरण सोनी ने एआई के तेजी से विकसित होते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में एआई तकनीक रोजगार, नवाचार और अनुसंधान के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। इसलिए विद्यार्थियों के लिए इन तकनीकों की जानकारी और उनका प्रभावी उपयोग सीखना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रेडिक्टिव एआई के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि यह तकनीक उपलब्ध आँकड़ों का विश्लेषण कर भविष्य की संभावनाओं का अनुमान लगाने में सक्षम है। इसका उपयोग मौसम पूर्वानुमान, रोगों की पहचान, वित्तीय जोखिम का आकलन, बाजार विश्लेषण तथा औद्योगिक उत्पादन की योजना बनाने जैसे अनेक क्षेत्रों में किया जा रहा है।
इसके पश्चात जेनरेटिव एआई की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए बताया गया कि यह तकनीक नए लेख, चित्र, प्रस्तुतीकरण, वीडियो, संगणकीय कोड तथा अन्य डिजिटल सामग्री तैयार करने में सक्षम है। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में इसका उपयोग अध्ययन सामग्री तैयार करने, रिपोर्ट लेखन, प्रस्तुतीकरण निर्माण तथा रचनात्मक कार्यों को सरल एवं प्रभावी बनाने में किया जा रहा है।
डॉ. सोनी ने सेमिनार में एजेंटिक एआई को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अगली पीढ़ी की तकनीक बताते हुए समझाया गया कि यह केवल निर्देशों का पालन करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि स्वयं योजना बनाकर, निर्णय लेकर तथा अनेक चरणों वाले कार्यों को क्रमबद्ध रूप से पूरा करने में सक्षम होती है।
विद्यार्थियों को उपयोग होने वाले प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं एआई टूल्स जैसे Open Knowledge Maps, Heuristica , Napkin AI , Consensus इत्यादि के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में नीरज श्रीमाली ने आभार व्यक्त किया।