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Tag: jain muni sukumalnandi

दूसरों की बुराई करना महान कार्य नहीं : सुकुमालनंदी

BY ADMIN • September 7, 2012

udaipur. इस संसार में जो व्यक्ति दूसरों के अवगुण न देख कर उसमें गुणों को देखता है वह…

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‘शिक्षक ज्ञान के दुकानदार नहीं, जलते हुए दीपक हैं’

BY ADMIN • September 5, 2012

udaipur. आज के युग में भौतिकता की चकाचौंध बढ़ गई है। अध्यात्म की पहचान दिनों-दिन घटती जा रही…

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शहद लपेटी तलवार जैसा है सांसारिक सुख: सुकुमालनंदी

BY ADMIN • September 4, 2012

udaipur. जो जीव सांसारिक सुखों में लिप्त रहता है, वह कभी भी आध्यात्मिक शान्ति को नहीं पा सकता,…

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झुकता वही है जिसमें जान हैं : सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 31, 2012

udaipur. जिसके भीतर वात्सल्य, सरलता वनम्रता है वह महान है। आपस में सौहाद्र्र व अनुराग रखना चाहिये। झुकता…

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जिन्दगी हार-जीत की तरह लें : सुकुमालनंदी

BY ADMIN • August 30, 2012

समता के साथ सुकुमाल आशीष udaipur. ठोकर खाकर मुस्कुराने का नाम ही जिन्दगी है, मुस्कुराकर गम को भुलाने…

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जीना तो औरों के लिए : सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 29, 2012

धूमधाम से मनाया समता दिवस udaipur. मुस्कुराती सुबह रात में ढली हाती है, जीवन की पीठ पर मौत…

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दृष्टिदोष से संसार अलग-अलग दिखाई देता है : सुकुमालनंदी

BY ADMIN • August 28, 2012

udaipur. जमीन सिर्फ एक है, रहने के तरीके अलग- अलग हैं। पानी की धार एक है, लेकिन उसके…

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इंसान होकर इंसानियत दिखाएं: सुकुमालनंदी

BY ADMIN • August 27, 2012

तीन दिवसीय समता दिवसीय समारोह शुरू, शोभायात्रा 28 को उदयपुर। अगर हम इंसान बन कर जानवर की तरह…

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सभी सन्तों को एक होने की जरूरत: सुकुमालनंदी

BY ADMIN • August 25, 2012

udaipur. जो देश किसी समय साने की चिडिय़ा कहलाता था, जो कभी विश्व गुरू ओकर शांति का दूत…

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वक्ता वही जो दूसरों के हित की बात करे : सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 24, 2012

udaipur. भगवान वो ही है जो सर्वज्ञ, वीतरागी और हितोपदेशी हों। मानव मात्र के कल्याण की बात करने…

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