Home Tag jain muni sukumalnandi

Tag: jain muni sukumalnandi

संकीर्ण विचारों को त्यागें : आचार्य सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • July 27, 2012

उदयपुर। आज के समय में व्यक्ति सिर्फ स्वयं के हितों के बारे में ज्यादा सोचता है, दूसरों के…

READ MORE

मनुष्य अपनी अज्ञानता से दुखी: आचार्य सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • July 26, 2012

उदयपुर। जिस प्रकार पवन चक्की में बैठा तोता अपनी अज्ञानता से अपने आपको चक्की से बंधा हुआ समझता…

READ MORE

साधु साधना से तो गृहस्थ उपासना से सुशोभित

BY ADMIN • July 24, 2012

उदयपुर। मनुष्य को शंका रूपी विष को छोड़ कर श्रद्धा रूपी अमृत का पान करना चाहिये। जो श्रद्धावान,…

READ MORE

जैसा बोओगे, वैसा पाओगे : आचार्य सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • July 22, 2012

उदयपुर। प्रकृति बहुत ही संवेदनशील हैं। जैसा हम कर्म करेंगे फल वैसा ही मिलेगा, या यूं कह लीजिये…

READ MORE
1 3 4 5