सांसों की कोई गारन्टी नहीं होती : सुकुमालनन्दी

BY — August 14, 2012

उदयपुर। मुस्कुराती सुबह शाम में ढली होती है,जिन्दगी की पीठ पर मौत लिखी होती है।बढ़ा लो कदम जितना बढ़ा सकते हो तुम,सांसों की कोई गारंटी नहीं होती।

लगातार हो रही बारीश के बावजूद खचाखच भरे आदिनाथ भवन सेक्टर 11 के सभागार में आचार्यश्री सुकुमालनन्दी ने उपस्थित श्रावकों को प्रात:कालीन धर्मसभा में सम्बोधित करते कहा कि जिन्दगी मिली है तो मौत भी मिलेगी। जिन्दगी कभी भी समाप्त हो सकती है। इसलिए धर्म-ध्यान में कदम बढ़ाते रहना चाहिये। जो अधर्म के मार्ग पर चलता है उसे धर्म कभी नहीं सुहाएगा और जो अधर्म के मार्ग पर चलेगा उसे अधर्म नहीं सुहाएगा।
आचार्य ने सभी को धर्म मार्ग पर चलने की नसीहत देते हुए कहा कि फूलों की खुशबू की तरह  धर्म की खुशबू से अपने जीवन को महकाएं तभी मनुष्य जीवन सार्थक बन पाएगा। नावों सिटी से आये श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलन और आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन का लाभ लिया।
स्वधीनता दिवस पर होंगे विशेष प्रवचन
15 अगस्त को दोपहर 2.30 बजे से पूज्य आचार्यश्री आलोक स्कूल के कांफ्रेंस हॉल में स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष में देशहित में देशभक्ति से ओतप्रोत विशेष प्रवचन देंगे। इससे पूर्व देशभक्ति गीत, मंगलाचरण व राष्ट्रीय विचित्र वेशभूषा का भी आयोजन किया जाएगा। रात्री को गुरूदेव की प्रेरणा से आज की शाम देश के नाम शहीदों की याद दिलाता कारगील फतह पर विशेष नाटिका पाश्र्वनाथ युवा मंच द्वारा मंचित की जाएगी। दोपहर में सेक्टर 11 के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों को आचार्य सुकुमालनन्दी वर्षायोग समिति द्वारा मिठाई वितरित की जाएगी।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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