पेसिफिक एमबीए के छात्र देश में अव्वल

BY — November 6, 2012

साइम्यु लेटेड मैनेजमेन्ट गेम्स में राजस्थान को दिलाई पहली ट्राफी
उत्तर भारत को 6 वर्ष बाद मिला सम्मान

udaipur. ऑल इण्डिया मैनेजमेन्ट एसोसिएशन (आईमा), नई दिल्ली द्वारा आयोजित साइम्युलेटेड मैनेजमेन्ट गेम्स में पेसिफिक विश्वाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने राजस्थान की ओर से इतिहास रचते हुए देश में पहला स्थान प्राप्तम किया। विजेता टीम को चैम्पियन ट्रॉफी, रू. 80,000, केडबरीज व जॉन प्लेयर के गिफ्ट हेम्पर व 3 दिन/2 रात का होलिडे पैकेज पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया।

पेसिफिक कॉलेज के प्रो. प्रेसीडेंट प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आईमा द्वारा कोयम्बटूर के जी.आर.जी. स्कूल ऑफ मैनेजमेन्ट स्टडीज में आयोजित फाइनल में पेसिफिक के सह आचार्य शिवोह्म सिंह के निर्देशन में सोनाली मेहता, दिपेश बोकाडिय़ा, सुधांशु बीकानेरिया व शीबा परवीन की टीम ने देश भर की 278 टीमों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
गेम के प्रथम चक्र में टीमों ने अपने क्षैत्र कि टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर अगले दौर में रीजनल फाइनल में भाग लिया। इसके उपरान्त अलग-अलग क्षेत्रों से चयनित टीमों ने ऑल इण्डिया सेमीफाइनल में भाग लिया। अन्तिम रूप से ऑल इण्डिया फाइनल मे अलग-अलग सेमीफाइनलों से सम्मिलित 75 में से चयनित 9 टीमों ने भाग लिया। फाइनल में पेसिफिक विश्वविद्यालय की टीम ने प्रथम स्थान अर्जित कर उतर भारत को 6 वर्ष बाद पुन: यह सम्मान दिलाया। यह प्रथम मौका है जब राजस्थान की किसी टीम ने स्थान अर्जित किया।
क्या है प्रबन्ध साइम्युलेशन
इसमें प्रत्येक प्रबन्धकीय टीम एक परिकल्पित उपक्रम का प्रतिनिधित्व करती हैं, उन्हें एक परिकल्पित वातावरण में विभिन्न कार्यक्षेत्रों के विभिन्न प्रकार के निर्णय लेने होते हैं। उत्पादन, विपणन, वित्त, एवं मूल्य रीति-नीति सम्बन्धी लिए जाने वाले निर्णय ऑल इण्डिया मैनजमेन्ट एसोसिएशन के ‘चाणक्य’ नामक विशेष साफ्टवेयर में दर्ज किये जाते है। इसके फलस्वरूप कम्प्युटर सृजित अनेक विकल्प प्रतिभागी टीम के सम्मुख उपस्थित होते है। इन विकल्पों के सम्बन्ध में प्रत्येक टीम को एक वास्तविक उपक्रम की प्रबन्धकीय टीम की तरह एक श्रृंखलाबद्ध क्रम में अनेक निर्णय लेने होते है। इन सभी निर्णयों के आधार पर उस परिकल्पित व्यावसायिक उपक्रम के अन्तिम परिणाम कम्प्युटर साफ्टवेयर द्वारा प्रस्तुत किए जाते है। इन परिणामों के आधार पर विजेता और उपविजेता टीमों का निर्णय लिया जाता हैं।
प्रबन्ध शिक्षा का एक मात्र समूह जहां एक वर्ष में छात्रों के 44 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीकय व अंतरराष्ट्रीरय स्तर की शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित : पेसिफिक समूह के एम.बी.ए. के छात्रों के उत्कृष्टा शोध स्तर के फलस्वरूप एक वर्ष में छात्रों के 44 शोध पत्र, विभिन्न राष्ट्रीटय व अन्तर्राष्ट्रीरय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। सामान्यतया इन शोध पत्रिकाओं में संकाय सदस्यों व पीएचडी शोध छात्रों के शोध पत्र ही प्रकाशित होते हैं, लेकिन पेसिफिक के एमबीए के प्रथम व द्वितीय दोनों वर्ष के छात्रों के इतनी बड़ी संख्या में शोध पत्रों का प्रकाशन एक कीर्तिमान है। आईआईटी रूडकी व आईआईटी दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीीय सम्मेलनों में जहाँ देश-विदेश के प्रबन्ध के संकाय सदस्यों व शोधार्थियों ने ही शोध पत्र प्रस्तुत किये वहीं पेसिफिक के एमबीए के प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों के शोध पत्रों की प्रस्तुति इन सम्मेलनों के आयोजक संस्थानों यथा आईआईटी दिल्ली, कर्टिन विश्वरविद्यालय आस्ट्रेलिया व आईआईटी रूडकी जैसे आयोजक संस्थानों के लिए भी आश्चथर्यजनक था कि प्रथम सेमेस्टर से ही छात्र इस स्तर के शोध पत्र प्रकाशित तैयार कर रहे हैं। आईआईटी दिल्ली में आयोजित सम्मेलन का आयोजन आईआईटी दिल्ली व कर्टिन विश्वथविद्यालय आस्ट्रेलिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था जहाँ प्रस्तुत शोध पत्रों में पेसिफिक के एमबीए के 12 छात्रों के 7 शोध पत्र को छोड़ कर शेष सभी शोध पत्र देश-विदेश के प्रबन्ध शिक्षकों व पीएचडी शोधकर्ताओं के ही थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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