संग्रहण की परम्परागत कृषि पद्धतियों पर मंथन आज से

BY — October 26, 2013

जुटेंगे देशभर के पुरातत्वविद

jrnvuUdaipur. संग्रहण की परम्परागत तकनीक एवं कृषि पद्धतियों का इतिहास पर मंथन के लिए देश भर के 150 से अधिक पुरातत्वविद रविवार से उदयपुर के जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ में जुटेंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार में जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ वि.वि. की ओर से होने वाली इस राष्ट्रीय सेमिनार के मुख्य अतिथि कुलाधिपति प्रो. भवानी शंकर गर्ग होंगे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत करेंगे।

सेमीनार के मुख्य वक्ता प्रो. वी. एस शिंदे निदेशक डेकन कॉलेज, पोस्ट ग्रेज्युएट एवं रिसर्च इन्सटीट्यूट होंगे। विशिष्ट अतिथि हिमाचल प्रदेश के पूर्व निदेशक डॉ. ओ. सी. होण्डा, पूर्णानंद विद्यापीठ जलगांव के वाईस चांसलर प्रो. विद्याधर पानट अति विशिष्ट  अतिथि होंगे। कुलपति प्रो. सारंगदेवोत ने बताया कि देश भर से आने वाले पुरातत्वविद व शोघार्थी अनाज भण्डारण तथा कृषि पद्धतियों पर तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करेंगे।
इन विषयों पर होगा मंथन : साहित्य संस्थान के निदेशक डॉ. ललित पाण्डेय ने बताय कि इस सेमिनार में संग्रहण और कृषि के पुरातात्विक रिकार्ड, संग्रहण एवं कृषि के साहित्यिक स्त्रोत, विभिन्न पर्यावरण में संग्रहण की तकनीक में परिवर्तन, परम्परागत संरक्षण में काम आने वाली वस्तुएं, विभिन्न पर्यावरणों में कृषि की तकनीक में परिवर्तन, कृषि उपकरण, कृषि से सम्बन्धित धार्मिक रूप एवं अधिकार विषयों पर मंथन किया जाएगा। आयोजन सचिव डॉ. जीवनसिंह खरकवाल ने बताया कि ग्वालियर, पूना, बडोदा, इन्दौर, मसूरी, देहली, अलीगढ़, कलकत्ता, सिकन्दराबाद, कोटा, जयपुर, जोधपुर, मेरठ, बीकानेर, नासिक, मुम्बई, सीतामउ, भोपाल, मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से विषय विशेषज्ञ भाग लेंगे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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