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मीरा कला मंदिर ने किया जमीन का व्यवसायीकरण

BY — April 28, 2014

रद्द करें भू आवंटन

280409उदयपुर। मीरा कला मंदिर को नगर विकास प्रन्या्स द्वारा किए गए भू आवंटन को रद्द करने की मांग को लेकर आज माकपा पदाधिकारियों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया कि संस्था ने नाममात्र की राशि पर आवंटित जमीन का व्यवसायीकरण कर लाखों रुपए कमा लिए।

मीरा कला मन्दिर बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष घासीराम खटीक ने बताया कि प्रन्यास ने माछला मगरा स्थित मीरा कला मन्दिर को लगभग 80 हजार वर्गफीट जमीन मीरा के शोध व सांस्कृतिक कार्यों के लिए आवंटित की थी। संचालक ने एलॉटमेन्ट की शर्तों की अवहेलना करते हुए वाणिज्यिक उपयोग के लिए लाखों रुपए में बेच दी और उक्त जमीन पर कई दुकानें व शोरूम लग गये। खटीक का आरोप है कि पूर्व जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर आवंटन निरस्त करने की मांग की थी, जिस पर अति. जिला कलक्टर (नगर) उदयपुर ने एक वर्ष पूर्व मीरा कला मन्दिर को आवंटित की गई भूमि के आवंटन को निरस्त करने का आदेश दिया, लेकिन निगम के तत्कालीन आयुक्त ने जमीन का आवंटन निरस्त करने की स्वीकृति हेतु निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग को पत्र प्रेषित कर मामले को लटका दिया। इस तरह नगर निगम उदयपुर ने जिला कलक्टर उदयपुर के मीरा कला मन्दिर को भूमि आवंटन के आदेश को निरस्त करने के आदेश की अवहेलना कर एवं मीरा कला मन्दिर के संचालक व वहां कार्यरत व्यवसायियों से मिलीभगत कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया। घासीराम खटीक ने बताया कि अगर निगम ने तीन दिन में मीरा कला मन्दिर को किये गये भूमि आवंटन को निरस्त कर अवैध निर्माण को नहीं तोड़ा तो क्षेत्र की जनता आमने सामने की लडाई लडऩे को मजबूर होगी, जिसके लिए प्रशासन एवं नगर निगम जिम्मेदार होगा।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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