नशे की लत के पीछे तनाव मुख्य कारण

BY — July 12, 2014

अब तक 175 लोगों को नशे की लत से छुटकारा दिलाया

120702उदयपुर। छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना और परिजनों की बातों को नजरअंदाज कर नशे की जकड़ में आकर उसका सहारा ले युवा अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। गत 3 वर्षों से हिरणमगरी से. 9 आर. के. पुरम स्थित शान्ति सेवा संस्थान शहर व आसपास के गांवो, शहरों व राज्यों  के युवाओं व प्रौढ़ को नशे की लत से छुटकारा दिलाकर उन्हें वापस समाज की मुख्य धारा से जोडऩे का प्रयास कर रहा है।

संस्थान के निदेशक घनश्याम जोशी ने आज संस्थान परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि संस्थान ने गत 3 वर्षों में करीब 175 लोगों को नशे की लत से छुटकारा दिलाकर वापस समाज की मुख्य धारा से जोड़ऩे का प्रयास किया है। आज उसमें से करीब 80 प्रतिशत लोग अपने परिवार के साथ सुखमय जीवन व्यतीत कर रहे है। नशे की जद में अधिकाशत: 20 वर्ष से कम उम्र के युवा है, जो अपने परिजनों की उनके हित की बातों को नजरअन्दाज कर सहयोगी नशेबाज की बातों में आकर नशे के आगोश में चला जाता है।
संस्थान की पुष्पा जोशी ने बताया कि नशेबाजों को सधारने के लिए संस्थान उन्हें अपने यहां 1 से 5 माह तक रखकर उन्हें सुधारती है। इस दौरान उन्हें 18 घंटे का टाइम टेबल दिया जाता है और उसी अनुसार उन्हें चलना होता है। उन्हें 30 दिन की चिकित्सकीय इलाज एंव 150 दिन का आध्यात्मिक परिवेश दिया जाता है ताकि वे पुन: समाज के एक उपयोगी सदस्य बन सके। संस्था का एक आध्यात्मिक कार्यक्रम है जो मुख्य रूप से नशे से मुक्त कराने के लिए बनाया गया है। यह कार्यक्रम 164 देशों में करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचा रहा है। मरीजों के खाने-पीने की व्यवस्था यही रहती है।
संस्थान के रोहित कपूर ने बताया कि नशे की लत से छुटाकरा पाकर अपने नये जीवन में प्रवेश करने वालों पर नसिंग कॉलेज के प्राचार्य योगेश्वर पुरी पीएचडी कर रहे है। जिसमें उन्होनें पाया कि करीब 80 प्रतिशत लोग पुन: अपने परिवार से जुडक़र अपना सामान्य जीवन यापन कर रहे है। उन्होनें बताया कि नशा बीमारी का रूप ले चुका है। जिसका अन्त हमेशा कैदखाना, पागलखाना, समय से पूर्व मौत ही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ो के अनुसार नशे का रोग दूसरे स्थान पर सर्वाधिक मौत का कारण बना हुआ है। कैंसर के पश्चात यह सर्वाधिक नुकसान पहुंचाने वाला रोग है। एक नशेबाज इन्सान अपने परिवार,घर व समाज को प्रभावित करता है। करीब 15 लोगों की यह संस्था नि:स्वार्थ भाव से कार्य कर रही है। वर्तमान में संस्थान में 42 रोगी नशे की लत से छुटकारा पाने का इलाज ले रहे हैं। पुलिस महानिरीक्षक जी. एन. पुरोहित ने बताया कि संस्था के किये जा रहे कार्यों में पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयेाग रहेगा।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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