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एटीएम में फ्रॉड का तोड़ बनेगा टू टियर सिक्योरिटी

BY — November 4, 2014

041105उदयपुर। बढ़ते एटीएम ट्रांजेक्शन फ्रॉड को देखते हुए बैंकों ने अब नए सिक्योरिटी फीचर इंट्रोड्यूस किए हैं। इसके लिए कार्ड यूजर्स नए टू टियर सिक्योरिटी फीचर से सेफ ट्रांजेक्शन कर पाएंगे।

बढ़ते एटीएम ट्रांजेक्शन फ्रॉड को देखते हुए, बैंक ट्रांजेक्शन से पहले दो डिजिट पिन नंबर का ऑप्शन दे रहे हैं। अगर मशीन हैक की गई है तो इन दो डिजिट नंबर के दबाने पर ट्रांजेक्शन की प्रोसेसिंग रूक जाएगी। दूसरा, एटीएम में होने वाली चोरी पर लगाम कसने के लिए क्विक रिस्पांस सेंट्रल टीम काम करेगी। यह टीम देशभर में होने वाले एटीएम में ट्रांजेक्शन पर ऑनलाइन नजर रखेगी। सीसीटीवी कैमरे से इस टीम के सिस्टम कनेक्ट होंगे, जो एटीएम यूनिट में होने वाली हर एक्टिविटी को लाइव दिखाएगा।
ऐसे काम करेगा सिक्योरिटी फीचर : आमतौर पर एटीएम मशीन में कार्ड स्वैप करते ही ट्रांजेक्शन प्रक्रिया शुरू हो जाती है। प्रोसेसिंग पूरी होने पर यूजर्स के चले जाने के बाद अगर मशीन हैक है तो एटीएम कार्ड से फ्रॉड करना आसान हो जाता है। पीएनबी के सीनियर मैनेजर दिनेश गुर्जर ने बताया कि एटीएम मशीन हैक है तो ट्रांजेक्शन के बाद अकाउंट से पैसे निकालना आसान हो जाता है। इस तरह के फ्रॉड को रोकने के लिए बैंक नए सिक्योरिटी फीचर लेकर आया है। इस प्रोसेस में यूजर्स को पहले मशीन में दो कोई भी डिजिट नंबर फीड करने का ऑप्शन दिया जाएगा। अगर मशीन हैक होगी तो ये दो डिजिट डालने पर मशीन काम नहीं करेगी। यानी ट्रांजेक्शन होने के कारण एटीएम के पिन कोड नंबर फीड नहीं होंगे तो ट्रांजेक्शन नहीं हो पाएगा।
क्या है टू टियर सिक्योरिटी सिस्टम : कार्ड स्वैप करने के बाद मशीन कोई दो डिजिट का ऑप्शन देगी। इन दो डिजिट की एंट्री के बाद ही मशीन पासवर्ड मांगेगी। पहले कार्ड स्वैप करने के बाद मशीन पासवर्ड मांगती थी। इससे मशीन हैक होने के कारण ट्रांजेक्शन कंटीन्यू करके अकाउंट से रुपए निकालने की संभावना होती थी। इन दो डिजिट को दबाने पर हैक मशीन ट्रांजेक्शन को अपने आप रोक देगी।
दिसंबर तक सभी एटीएम में होगा यह फीचर : उदयपुर में लगाए जाने वाले नए एटीएम में तो यह सुविधा होगी ही, पुराने एटीएम सिस्टम में दिसंबर तक यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। जानकारी के अनुसार जहां एटीएम के लिए यह नया सिक्योरिटी फीचर है, वहीं एटीएम में होने वाली चोरी को रोकने के लिए अब हर बैंक की एक सेंट्रल टीम होगी। यह टीम एटीएम में होने वाले ट्रांजेक्शन पर 24 घंटे नजर रखेगी।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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