ताम्र पाषाणकाल कालीन संस्कृति है पछमता, उत्खनन शुरू

BY — January 15, 2015

विद्यापीठ के कुलपति प्रो. सारंगदेवोत ने किया उद्घाटन

150108उदयपुर। राजसमन्द जिले के गिलुण्ड कस्बे से 8 किलोमीटर दूर पछमता गांव में हो रहे उत्खनन पर पुरातत्वविदों का ध्यान आकृष्टत हुआ है। गुरूवार को जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस. एस. सारंगदोवोत और कुल प्रमुख भवरलाल गुर्जर ने उत्खनन कार्य का विधिवत श्रीगणेश किया वहा पुजा अर्चना भी की गई।

उत्खनन कार्य के निदेशक डॉ. ललित पाण्डे ने बताया कि अमेरिका के केनेसा स्टेट यूनिवर्सिटी, इण्डियाना यूनिवर्सिटी तथा डेकन कॉलेज ऑफ पूने के संयुक्त तत्वावधान में यह उत्खनन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अन्तर्गत चल रहा है। डॉ. पाण्डे ने बताया कि केनेसे यूनिवर्सिटी की टेरेसा रेक, कोनर गोड्यू, चाल्स ब्रमुलर, इन्टीनियो मेनडेज तथा डेकन कॉलेज पूने के प्रबोद श्रीवल्कर, इशाप्रसाद व अन्य शोधार्थी उत्खनन में जुटे हैं।
डॉ. पाण्डे ने बताया कि आहाड़ सभ्यता के 110 स्थल बनास नदी के किनारे बसे हैं जिनमें पछमता गांव भी शामिल है। इस गांव में 5 टीले होने के कारण इसका नांम पछमता रंखा गया है। टिले के उपर पुरानी बाबा की मजार व समिप स्कूल बना हुआ है। ज्यादातर क्षेत्र पर खेती हो रही है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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