व्यापारिक जगत को एक कर समर्थ बनाना ही जीतो का उद्देश्य

BY — February 23, 2015

जीतो की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का उदयपुर दौरा

230206उदयपुर। व्यापारिक जगत को एक करना और उसे समर्थ बनाना जीतो का उद्देश्य् है। हम समर्थ बनेंगे तो रास्ता स्वत: निकलेगा। नई कार्यकारिणी ने अपने कार्यकाल में कुछ नए उद्देश्य अंकित किए हैं जिन्हें पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। जैन समाज की जनगणना का कार्य करना भी इनमें शामिल है। प्रत्येक गांव, ढाणी तक पहुंचने का हमारा प्रयास रहेगा ताकि उनकी स्थिति देखकर जीतो उनके लिए और क्या कर सकती है, उसका अनुमान लगाया जा सके।

ये विचार जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) की नवगठित कार्यकारिणी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने रविवार रात शौर्यगढ़ पैलेस में आयोजित अभिनंदन समारोह में व्यक्त किए। जीतो अपेक्स के चेयरमैन तेजराज गोलेछा ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि किसी भी संगठन को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को आगे लाना आवश्यक है। हमारे देश में 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की संख्या  65 प्रतिशत है जबकि अन्य देशों में यह 35 प्रतिशत तक है। अन्य देश उम्रदराज हो गए हैं जबकि हम फिलहाल ग्रोइंग कंट्री के रूप में उभर रहे हैं। यही कारण है कि अब युवा संगठन का गठन भी जीतो के उद्देश्यों में शामिल हो गया है। जैन शक्ति कार्ड भी जल्द ही लांच किया जाएगा ताकि समाज के लोगों को विभिन्न  संस्थानों, मेडिकल, हॉस्पिटल से लाभ पहुंचाना, अल्प्संख्यक श्रेणी के फायदे बताकर उनका लाभ लेना आदि कार्य किए जाएंगे। नेटर्किंग ऐसी की जाएगी कि प्रत्येक 100 से 150 घरों पर एक यूनिट बने जो वहां के स्थानीय चैप्टर से जुड़े। जीतो की यूथ विंग (जीयो) और महिला विंग जल्द की शुरू की जाएगी। उन्होंने वर्ष में दो-तीन बार होने वाली सम्मिट जीतो कनेक्ट का आयोजन उदयपुर में करने का भी आश्वासन दिया।
जीतो अपेक्स के अध्यक्ष उत्कर्ष भाई शाह ने कहा कि गत 2000 वर्षों में जो बदलाव नहीं हुए, वे पिछले 20 वर्षों में हो गए। आने वाले 20 वर्षों में इससे भी कहीं अधिक बदलाव होंगे जिनकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। जीतो का उद्देश्य प्रत्येंक जैन को सक्षम विशेष रूप से आर्थिक सक्षम बनाना है। इसमें युवाओं का जुड़ाव जरूरी है। युवाओं को जोडऩा होगा अन्यथा सब बेकार है। मेरा भारत महान नहीं बल्कि मेरा भारत जवान कहना ठीक होगा। अब संयुक्त परिवार नहीं रहे। जीतो का मानना है कि बायोलोजिकली छोटा है तो जीतो के साथ जुडक़र उसे जेनेटिकली बढ़ा कीजिए। जीतो व्यक्ति नहीं व्यवस्था आधारित है। एटीट्यूड रखें लेकिन इगो नहीं। दोनों में बहुत माइनर डिफरेंस है। जो इसे समझ गया, वह जीत गया। जीतो आपके लिए क्या  करेगा यह नहीं पूछें, आप जीतो के लिए कस करेंगे, यह बताएं।
जीतो अपेक्स के महासचिव धीरज कोठारी ने जीतो के मूल उद्देश्य् बताते हुए लर्निंग, अर्निंग एंड देन रिटर्निंग की जानकारी देते हुए कहा कि संगठन जरूरी है ताकि आपकी बात अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। उदयपुर में कौन क्या  कर रहा है, इसकी जानकारी संगठन के माध्यम से ही आप देश भर तक पहुंचा सकते हैं।
230207जैन एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेड फैडरेशन (जेएटीएफ) के दिल्ली चैप्टंर के जोनल सेक्रेटरी युवा वैभव लोढ़ा ने बताया कि जेएटीएफ प्रति छात्र करीब 12 से 13 लाख रुपए खर्च करता है ताकि वह सिविल सर्विसेज में अपना स्थान प्राप्त  कर जैन समाज को प्रगति पर ले जाए। इसके तहत गरीब प्रतिभावान छात्रों को जीतो के माध्य म से सिविल सर्विसेज में समाज की अपनी महत्ता कायम करना है।
जीतो अपेक्स के सीईओ ललित जैन ने जीतो के मूल उद्देश्यों  की जानकारी देते हुए बताया कि 42 निदेशकों से जीतो का गठन होता है जो प्रति दो वर्ष में बदले जाते हैं। जीतो का कोरपस फंड करीब 90 करोड़ रुपए है। 10 जोन में करीब 31 चैप्टज फिलहाल संचालित हैं।
इससे पूर्व जीतो उदयपुर चैप्टर के मुख्य  सचिव राजकुमार फत्ताजवत ने गत मार्च में प्री लांच के बाद से अब तक उदयपुर चैप्टर द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि जीतो ने कम समय में उदयपुर में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। लोग आगे आकर जुडऩे लगे हैं। गत 31 मई 2014 को 7 पैट्रन एवं 8 एफसीपी मेम्बर के साथ जीतो उदयपुर चैप्टयर का गठन हुआ था। नो माह के समय में छात्रों के लिए मोटीवेशनल एंड एज्यूकेशनल सेमिनार, क्रिकेट लीग, नवनिर्वाचित महापौर का अभिनंदन समारोह, टाइम मैनेजमेंट पर विशेषज्ञ वार्ता सहित कई आयोजन किए गए। महावीर जयंती पर सात दिवसीय प्रोग्राम उदयपुर में सकल जैन समाज की गठित महावीर जैन परिषद के बैनर तले आयोजन किए जाते हैं।
फत्तातवत ने कहा कि गांवों में बहुत जैन प्रतिभाएं छिपी हैं। उन्हें आगे लाने के लिए उदयपुर में जेएटीएफ का चैप्टिर खोलना अति आवश्यंक है ताकि उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सके। सिविल सर्विसेज की यहां अगर फैकल्टी न मिल पाए तो राज्य सर्विसेज के आधार पर ही यहां जेएटीएफ का चैप्टर खोला जाना चाहिए ताकि उन्हें उचित मार्गदर्शन मिल सके। इस पर चेयरमैन गोलेछा ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में 60 पैट्रन एवं 8 एफसीपी सदस्य  थे जिनमें अब 32 नए पैट्रन एवं 2 एफसीपी मेम्बार और जुड़ गए हैं।
स्वागत उदबोधन में जीतो चैप्टर उदयपुर के अध्यक्ष शांतिलाल मारू ने कहा कि दक्षिण राजस्थान में उदयपुर एज्यूकेशन हब बनने जा रहा है। यहां एकेडमिक के साथ मेडिकल कॉलेज भी खुल रहे हैं। निस्संदेह आने वाले समय में उदयपुर सभी को प्रतिभाएं प्रदान करेगा। ऐसे में जीतो को भी उदयपुर में एज्यूरकेशन के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए। मारू ने कहा कि जैन समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए जल्द ही एक कार्ड इश्यू  किया जाएगा जिसके तहत शहर के विभिन्न हॉस्पिटलों में उन्हें रियायती दर पर उपचार का लाभ मिल सकेगा।
इससे पूर्व आरंभ में मंगलाचरण शोभा जैन ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन विजयलक्ष्मी  गलुण्डिया ने किया। जीतो उदयपुर चैप्टश के शांतिलाल मेहता एवं संजय भंडारी को सदस्यता अभियान में वृ्द्धि के लिए उनका सम्मान किया गया। सभी राष्ट्रींय पदाधिकारियों ने नवमनोनीत सदस्यों का शॉल एवं उपरणा ओढ़ा सम्मानन किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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