बुझा हुआ मन, फिर भी झुमाया कुमार विश्वास ने

BY — March 29, 2015

देर रात तक जमा रोटरी क्लब मेवाड़ का कवि सम्मेलन

290302उदयपुर। आम आदमी पार्टी के संस्थापक मंडल में शामिल एवं अंतरराष्ट्रीय कवि डॉ. कुमार विश्वास पार्टी की दिल्ली़ में शनिवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से उपजे विवाद के कारण अपसेट से दिखे लेकिन श्रोताओं की जब तालियां मिली तो कुछ क्षण के लिए मानों भूल से गए और अपने रंग में आ गए।

मौका था रामनवमी पर शनिवार रात लोककला मंडल का मुक्ताकाशी रंगमंच पर रोटरी क्लब मेवाड़ द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन का। हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से एमबी हॉस्पीटल के कार्डियोलोजी एवं नेफ्रोलोजी वार्ड में मशीनरी, रखरखाव, साफ-सफाई आदि कार्यों के लिए कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था। देश भर से आये कवियों ने देश की वर्तमान परिस्थिति, राजनीतिज्ञों एवं अनेक पहलुओं पर व्यंग्यात्मक रचनाओं ने दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। कवि सम्मेलन में श्रृंगार, हास्य, वीर आदि रसों का शानदार सम्मिश्रण रहा।
290301अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि डॉ. कुमार विश्वास कुछ अनमने से दिखे लेकिन उस अनमनेपन को दरकिनार कर अपने छोटे छोटे मुक्तकों से जहां श्रोताओं को न सिर्फ बार-बार तालियां बजाने पर मजबूर किया वहीं अपनी कविताओं को श्रोताओं को भी गुनगुनाने का मौका दिया। युवा श्रोताओं ने भी उनकी कविताओं में समवेत स्वोर मिलाए। कभी अपने बीए के समय लिखी गई कविता तो कभी श्रोताओं की मांग पर तुम अगर नहीं आई.. गीत गा न पाऊंगा.., हो कालगत से परे चिरंतन.. अभी यहां थे अभी यहीं हो.. सुनाकर भाव विभोर कर दिया। उनके मुक्तक कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, मगर धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है.. तथा मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है, कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है.. पर श्रोता झूम उठे। कवि सम्मेलन का आरंभ लता सोनी ने सरस्वती वंदना ज्ञान दे मां शारदे .. से किया। उसके बाद धार के संदीप शर्मा ने अपनी चिर-परिचित शैली में श्रोताओं को हास्य से भरपूर न सिर्फ कविताएं सुनाई बल्कि छुटपुट व्यंग्यिकाएं भी पढ़ीं।
290303कानपुर से पहली बार उदयपुर आए प्रमोद तिवारी ने मधुर गीत नदियां धीरे धीरे बहना, नदियां धार धार से कहना, मीठी मीठी है मेरी धार, खारा खारा सारा संसार सुनाकर बहुत तालियां बजवाई। जयपुर के संपत सरल ने हमारे समय के बच्चे, आज वालों की तरह कम्प्यूटरी नहीं होते थे, कि बाप का नाम भी पूछ लो तो गूगल पर सर्च करने लगते सुनाकर भावी पीढ़ी का भविष्य बताने का प्रयास किया। रामनवमी के सन्दर्भ में उदयपुर के कवि राव अजात शत्रु ने मानस की चौपाइयां देश को बुला रही हैं, राम की कथा में इक छन्द जोड़ते चलो तथा शबरी के मीठे बैर भूल यदि जाओगे तो, रघुराई वाली राजधानी भूल जाओगे, रामसेतु के पवित्र पत्थरों की आस्था को तैरती शिलाओं की निशानी भूल जाओगे, लक्ष्मण रेखा मर्यादा नारी अस्मिता की, घायल जटायू प्राण दानी भूल जाओगे, तुलसी ने जिसके किनारे महाकाव्य रचा, सरयू के पानी की कहानी भूल जाओगे सुनाकर वाहवाही लूटी।
क्लब अध्यक्ष अनिल मेहता, सचिव चेतनप्रकाश जैन, संरक्षक हंसराज जैन, संयोजक डॉ. लोकेश जैन सहित अनेक सदस्यों ने कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेश जोशी, सीएफओ अमिताभ गुप्ता विशिष्ट अतिथि महापौर चन्द्रसिंह कोठारी, पूर्व प्रान्तपाल यशवन्तसिंह कोठारी, निर्मल सिंघवी, प्रान्तपाल मनोनीत रमेश चौधरी का उपरना ओढ़ाकर एंव पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।
क्लब के अध्यक्ष अनिल मेहता ने बताया कि कवि सम्मेलन से प्राप्त आय से हिन्दुस्तान जिंक लि.के सहयोग से एमबी हॉस्पीटल के कार्डियोलोजी एवं नेफ्रोलोजी वार्ड में मशीनरी, रखरखाव, साफ-सफाई आदि कार्य किए जाएंगे। संरक्षक हंसराज चौधरी ने बताया कि कुछ समय पूर्व ही क्लब की पहल पर हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से करीब 50 लाख की लागत से गायनो-नेफ्रो आईसीयू का भी लोकार्पण किया गया था। पूर्व अध्यक्ष योगेश पगारिया, रीना राठौड़ सहित सभी सदस्यों ने आयोजन की सफलता में अपना महती योगदान दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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