शिक्षक शिक्षा में नवाचार जरूरी : सारंगदेवोत

BY — May 2, 2015

विद्यापीठ शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम निर्माण विषयक राष्ट्रीय कार्यशाला

020505उदयपुर। अध्यापक शिक्षा में नवीनतम शोध एवं अनुसंधान के साथ साथ नवाचारिक प्रयोग सम्बंधी योजनाएं बनाना जरूरी हो गया है। ये विचार शनिवार को लोकमान्य तिलक डबोक की ओर से शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम निर्माण विषयक राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा के तहत कक्षा कक्ष, शिक्षण को टेलीवीजन तथा इंटरनेट आदि से जोड़ते हुए अध्यापकों द्वारा भावी पीढ़ी को प्रशिक्षण देना आज की आवश्यकता हो गई है।

020506मुख्य अतिथि पीजी डीन डॉ. प्रदीप पंजाबी ने कहा कि अध्यापक शिक्षा का उद्ेश्य व्यक्ति में अध्यापन, व्यवसाय, एवं बालकों के प्रति सकारात्मक अभिव्यक्ति विकसित करना है। शिक्षा के विभिन्न नियमों और सिद्धांतो के द्वारा उन्हे ज्ञान करा उनकी क्षमता को विकसित करना होगा। इससे पूर्व स्वागत उद्बोधन डॉ. सरोज गर्ग ने दिया। अमेटी विवि के डॉ. हरीश त्यागी, डॉ. अरशद अहमद, डॉ. जी.एन. तिवारी, डॉ. एस.के. पाण्ड्ेय, डॉ. सुनिता मुर्डिया, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. केलाश चौधरी, डॉ. अनिता कोठारी, डॉ. अमित दवे, डॉ. अर्पणा श्रीवास्तव, डॉ. बी.एल. श्रीमाली, डॉ. अमि राठौड ने भी अपने विचार व्यक्त किया। संचालन डॉ. देवेन्द्रा आमेटा ने किया जबकि धन्यवाद डॉ. रचना राठौड़ ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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