अध्यात्म से कैसे हो मानव सभ्यता का बचाव

BY — July 13, 2015

130702उदयपुर। सोसायटी फॉर माइक्रोवायटा रिसर्च एंड इंटीग्रेटेड मेडिसिन और रिनेसाँ यूनिवर्सल क्लब के तत्वाेवधान में रहस्य्वाद, आध्यात्मिकता और मानव सभ्यता का विकास विषय पर टेकरी-मादरी रोड स्थित जागृति परिसर में रविवार को संगोष्ठी  हुई।

मुख्य अतिथि मानव संसाधन मंत्रालय, हैदराबाद के रिसर्च विभाग से रिटायर्ड सीनियर डायरेक्टर डॉ. जीएल वर्मा और विशिष्ट अतिथि नाथुसिंह शक्तावत थे। शुभारम्भ रिनेसाँ यूनिवर्सल क्लब के फाउंडर प्रेसिडेंट पीआर सरकार की प्रतिकृति पर माल्यार्पण द्वारा हुआ.
मुख्य प्रवक्ता पसिफ़िक मेडिकल कॉलेज के मेडिसीन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और सोसाइटी अध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा थे। डॉ. वर्मा ने बताया कि सरकार के अनुसार रहस्य्वाद ससीम से असीम की ओर बढ़ने का अंतहीन प्रयास है जो मानव को आसक्ति से भक्ति की ओर ले जाता है तथा उसे मनुष्य जीवन के चरम लक्ष्य तक पहुँचने का पथ प्रदर्शन करता है और मानसाध्यात्मिक साधना ही मनुष्य को पुनः जड़ से चेतन में प्रतिष्ठित करने में सहायक है. उन्होंने कहा की नैतिकता और आध्यात्मिकता में प्रतिष्ठित सद्विप्र व्यक्तियों के द्वारा की जाने वाली वैज्ञानिक खोजों से ही मानव समाज के लिए भविष्य में आने वाली विकट बाधाओं जैसे भोजन की समस्या, परमाणु बम विभीषिका, प्राकतिक आपदाओं इत्यादि से सुरक्षा प्रदान की जाएगी। संगोष्टी में उदयपुर, भिंडर, कानोड़, खेताखेड़ा से आये बीस बुद्धिजीवीयों ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किये. अंत में सभी ने वर्तमान युग की विभिन्न समस्यायों के समाधान के लिए षोडश विधि पालन को अपरिहार्य मानते हुए इसे दैनिक जीवन में कठोरता से निभाने का संकल्प लिया और सोसायटी सचिव डॉ. वर्तिका जैन ने सभी को धन्यवाद दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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