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खुद के दांतों से जान खतरे में

BY — July 21, 2015

210703उदयपुर. शहर के निजी चिकित्सालय में 86 वर्षीय बुजुर्ग की भोजन नली में फंसे नकली दांत को एंडोस्कॉोपी से निकालकर उनकी जान बचाई गई। गेस्ट्रोएन्टोलोजिस्ट डॉ. पंकज गुप्ता ने यह ऑपरेशन किया।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि नीमच निवासी रोगी नानाराम सोनी (86) 10 दिन से भोजन नली में दांत फंसने से परेशान थे जो भोजन खाते समय उनकी भोजन नली (ईसोफेगस) में अटक गया था। इसी कारण खाना निगलने में दिक्कत तो हो ही रही थी, केवल तरल पदार्थ ही पी पा रहे थे। डॉ. गुप्ता ने बिना भर्ती, बिना चीरे, बिना ऑपरेशन व बिना बेहोशी के एंडोस्कोपी से दांत को पकड़कर बाहर निकाल लिया। उन्होंने बताया कि एंडोस्कोपी एक प्रकार का दूरबीन है, जिसके द्वारा लूप (मेटल के तार की गठान) के सहारे भोजननली में फंसे दांत को निकाला गया जिससे रोगी अब स्वस्थ है। इसमें दांतों के कारण भोजननली में दो स्थानों पर घाव हो गए थे, वो भी 5-7 दिन में भर जाएंगे। डॉ. गुप्ताव फिलहाल गीतांजलि हॉस्पिटल में कार्यरत हैं।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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