इंटरनेट से सीखा एटीएम को हैंग करने का तरीका

BY — September 3, 2015

लाखों की ठगी आई सामने, दो गिरफ्तार

030909उदयपुर। इंटरनेट के उपयोग से जहां आम जनता को सुविधा हुई है वहीं सुविधाओं का आपराधिक लोग दुरुपयोग कर नए-नए तरीके सीख रहे हैं और वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। एटीएम को हैंग कर लोगों के पैसे निकालने वाले दो ठगों का ऐसा ही खुलासा पुलिस ने किया है। दोनों अच्छे-पढ़े लिखे हैं और अब तक कई वारदातों को अंजाम दे चुके है।

पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि लगातार हो रही एटीएम को हैंग कर लोगों के खाते से पैसे निकालने की घटनाओं को देखते हुए प्रतापनगर थानाधिकारी मंजीतसिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया था। इस टीम ने लगातार नजर रखी और टीम के सदस्यों ने एटीएम मशीन पर फेवी क्विक लगाकर लोगों के खातों से पैसे निकालकर चोरी करने करने में दो युवक महेरदीन पुत्र अरत रहमान निवासी धिरनका हथीन पलवल हरियाणा और वसीम पुत्र कजरूद्दीन निवासी फिरोजपुर मेवात हरियाणा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने इस तरह से दर्जनों की संख्या में वारदात करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने वारदात का तरीका पूछा और आरोपियों ने बताया तो पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपियों में से वसीम ने गुडगांव में एक इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रीकल्स में बीटेक की है और आरोपी महेरदीन 12वीं पास है। वसीम ने बताया कि उन्होंने गूगल पर हाउ टू हैंग एटीएम और हाउ टू स्टील मनी फ्रॉम एटीएम लिखकर सर्च किया तो एक वेबसाईट खुली। इस वेबसाईट पर स्पष्ट रूप से बता रखा था कि किस तरह से एक एटीएम मशीन के किसी एक बटन पर फैवी क्विक लगाकर मशीन को हैंग किया जाता है और पैसे निकाले जाते है। इन दोनों वेबसाईट पर इस तरह से पैसे निकालने का पूरा तरीका बता रखा है। आरोपियों ने इस तरीके का अध्ययन किया और इसके बाद वारदातें शुरू कर दी। इस तरह से आरोपियों ने राजस्थान के कई जिलों में एटीएम को हैंग कर वारदातें की है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
इस तरीके से करते थे वारदात
आरेापी युवक एटीएम में जाकर कैंसल के बटन पर फैवी क्विक लगा देते और मशीन से बाहर जाते। बाहर आने के बाद आरोपी किसी व्यक्ति का इंतजार करते। जब कोई एटीएम में जाता तो ये उसके पीछे जाते थे। जैसे ही वह व्यक्ति अपना कार्ड रूपए निकालने के लिए डालता तो मशीन के साईड वाले बटन को दबा देते। जिससे मशीन रूक जाती। इस दौरान व्यक्ति भाषा चयन कर लेते और कोड डालने के दौरान कोड देख लेते। मशीन के काम नहीं करने पर व्यक्ति परेशान हो जाता और यह दोनों उस व्यक्ति को मशीन के खराब होने की जानकारी देते। परेशान होकर व्यक्ति एक या दो बार कैंसल बटन दबाने का प्रयास करता जो पहले से ही चिपका हुआ होता है वह दबता नहीं है और व्यक्ति चला जाता है। इसके बाद आरोपी उसके खाते से आसानी से पैसा निकालकर फरार हो जाते।
इस तरह से आए पकड़ में
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने उदयपुर में सुखेर क्षेत्र में इसी तरह से वारदात की थी। वहां से दोनों कार में सवार होकर प्रतापनगर आ गए। जहां पर मशीन में एक बटन को चिपकाकर किसी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान दोनों को ऐसे व्यक्ति ने देख लिया जिसने इन्हेंक सुखेर में भी देखा था। वह पुलिस को सूचित कर देता है और पुलिस पकड़ लेती है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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