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उप रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र में नहीं संविधान निरस्त करना : अग्रवाल

BY — December 8, 2015

विद्यापीठ के कर्मचारी, छात्र-छात्राओं ने किया उप रजिस्ट्रार, संस्थाएं के खिलाफ प्रदर्शन

081202उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के प्रतापनगर स्थित केम्पस के मुख्य द्वार पर मंगलवार को सैकड़ों छात्र-छात्राओं व कर्मचारियों ने उप रजिस्ट्रार सहकारी संस्था के अश्विन वशिष्ठ के खिलाफ विश्वविद्यालय के स्वीकृत संविधान संशोधन को निरस्त करने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।

081203इस प्रदर्शन में विद्यापीठ के डबोक, प्रतापनगर, सरस्वती यूनिट श्रमजीवी महाविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने अश्विन वशिष्ठ के खिलाफ नारेबाजी की। विद्यापीठ के रजिस्ट्रार प्रो. सीपी अग्रवाल ने बताया कि पूर्व प्रशासन व कुछ बाहरी लोगों के दबाव में आकर उप रजिस्ट्रार अश्विन वशिष्ठ ने 15 माह पूर्व पारित संविधान संशोधन को निरस्त कर दिया। उक्त कार्यवाही से पूर्व उप रजिस्ट्रार ने विश्वविद्यालय को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया जबकि संविधान निरस्त करने का अधिकार उप पंजीयक के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उल्लेखनीय है कि अधिनियम में जांच करने अथवा इस क्रम में किसी प्रकार की शास्ति आरोपित करने का किसी प्रकार का प्रावधान नहीं है। अतः इकाई अधिकारी संस्था के क्रिया कलापों से दूर रहे।’ उचित होगा कि ‘धारा 04 ग के अन्तर्गत उक्तानुसार किसी भी संस्था के विरूद्ध कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने से पूर्व सम्बन्धित संस्था को एक माह का समय देते हुए उक्त प्रावधानों की पालना कर लिये जाने हेतु नोटिस जारी किया जाए।’

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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