सोलर से चलाये जा रहे चरखे एवं करघे

BY — July 26, 2016

खादी को विकसित करने के लिए

260705उदयपुर। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन शंभूदयाल बड़गुर्जर ने कहा कि खादी को बढ़ावा देने एवं विकसित करने के लिए राज्य भर में सूत कातने में काम आने वाले चरखे एवं करघे को सोलर प्लान्ट से चलाया जा रहा है।

वे मंगलवार को सूचना एवं जनसम्पर्क निदेशालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुनकरों की स्थिति सुधारने के लिए बोर्ड ने प्रायोगिक तौर दौसा और राजगढ़ में दस सोलर चरखे और पांच करघे दिए हैं। इनकी उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी उसी अनुपात में बुनकरों की आय क्षमता में भी वृद्धि होगी।
बड़गुर्जर इन दिनों संभाग के चार दिनी दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 180 संस्थाओं के नवीनीकरण का काम चल रहा है। युवाओं को आकर्षित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जयपुर में एमआई रोड स्थित खादी के शोरूम पर हर प्रकार के कपड़े उपलब्ध कराए गए हैं जिनके निर्माण में फैशन डिजाइनर की भी मदद ली गई है। खादी के बढ़ते क्रेज के कारण अब फैशन शो  में भी खादी को प्राथमिकता दी जाने लगी है। उन्होंने कहा कि नई-नई डिजाईनों के कारण स्टाईलिश खादी का प्रचलन बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात के अनुसार हमारा प्रयास है कि प्रत्येक परिवार में एक व्यक्ति खादी अवश्य पहने ताकि रोजगार को भी बढ़ावा मिले। खादी इंडिया के नाम से इसे जोड़ा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल होने के कारण माउंट आबू में एक स्टोर खोला गया है जहां खादी के हर तरह के कपड़े उपलब्ध हैं। युवाओं को ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए 3 सेंटर पुष्कर, अजमेर और जयपुर के मानसरोवर में खोले गए हैं। कौशल विकास योजना के लिए 5.60 करोड़ प्रतिवर्ष देने का राज्य सरकार ने बजट रखा है। 7 संभागों में 5.5 करोड़ प्रत्येक को दिए जाएंगे।
बड़गुर्जर ने बताया कि उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, सरकारी विद्यालयों, रेलवे,इण्डियन एयरलाइन्स आदि ने खादी की वेशभूषा पहनने पर सहमति जताई है। हम प्रयास कर रहे हैं कि सरकारी विभागों में भी खादी की वेशभूषा लागू हो। जुलाहों और बुनकरों को नरेगा से जोड़ा जाए ताकि उनकी आय में भी वृद्धि हो सके। सरकारी कार्यालयों में प्रत्येक शुक्रवार को खादी वस्त्र पहनकर आने को अनिवार्य किये जाने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खादी को बढ़ावा दिये जाने के लिए खादी लघु परियोजना के तहत 25 लाख का ऋण दिया जाएगा तथा जिस पर 25 प्रतिशत का सरकार अनुदान देगी। इसके लिए 1 जुलाई से आवेदन की आनलाईन प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। संभाग के उप निदेशक खादी प्रकाशचन्द्र गौड ने बताया कि चेयरमैन बड़गुर्जर ने एकलिंगपुरा स्थित औषध प्रतिष्ठान एवं रेती स्टेण्ड स्थित ग्रामीण हाट का अवलोकन किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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