इंटरनेशनल राइटर्स फेस्ट में युवा रचनाकारों की धूम

BY — October 15, 2016

151002उदयपुर। यहां मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के विवेकानन्दू सभागार में चल रहे 11 वें इंटरनेशनल राइटर्स फेस्टिवल में शनिवार को दूसरे और अन्तिम दिन नवोदित एवं युवा रचनाकारों ने संवदेनाओं और भावनात्म क अभिव्यतक्ति के जरिए श्रोताओं को अभिभूत कर दिया।

सुविवि के अंग्रेजी विभाग और इंडिया इंटर कांटिनेंटल कल्चरल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे इस भव्य लिटरेचर फेस्ट में युवा रचनाकारों के सत्र में युवा लेखकों ने अपनी कविताओं से खूब वाहवाही बटोरी।
प्रो. अवधेश सिंह की अध्यवक्षता में हुए सत्र में युवा रचनाकार दीपिका लाहोटी ने “अमन” शीर्षक की कविता से विश्व शान्ति एवं भाईचारे का संदेश दिया। महेन्द्र सिंह पुरोहित ने “लाइफ एंड डेथ” रचना में जीवन की नश्वभरता एवं जीवन सौन्दर्य का चित्रण किया। डा. कुंजन आचार्य ने कृष्ण श्रृंखला की रचना- “मन की कुछ कोरी दीवारें, उन पर तेरा नाम लिखा… नाम लिखा तो उसके भीतर कान्हा का चितराम दिखा” सुना कर श्रोताओं का मन मोह लिया। भनुप्रिया रोहिला ने -“लाइट आफ लाइफ” रचना में मन की शान्ति को जीवन का सूत्र बताया। नवोदित कवयित्री आरुषि व्याकस ने “उन गिरहों में कैद ना जाने कितने कैदी थे, मेरे मुल्क की कुछ सांसे वो बरसों से लिए बैठे थे।” सुना कर समां बांध दिया। रश्मि चौधरी ने “द होप” रचना में आशा को अमरधन बताया वहीं चिराग बाफना ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचना का पाठ किया। इस अवसर पर डॉ. वैभव शाह, निखिल मेहता, कोमल धाकड़, सेतु भटनागर, अजय गोस्वाखमी, कृति लोढा और आयुरा ने अपनी मौलिक रचनाअें का पाठ कर  खूब वाहवाही बटोरी।
राइटर्स फेस्ट  की आयोजक प्रो सीमा मलिक ने बताया कि दूसरे दिन सुबह तीन अलग-अलग चर्चा सत्र हुए जिनमें वैश्विक साहित्यिक परिदृश्य  पर चर्चा मन्थहन हुआ। पहले सत्र में कनाडा, उज्बेकिस्तांन, फिलिपिन्स, श्रीलंका, कोस्टेमरिका तथा बांग्लायदेश के रचनाकारों ने भाषाओं में रचना पाठ किया। इस सत्र की अध्यक्षता अमेरिका से आई वर्ल्ड फेस्टिवल आफ पोयट्री की प्रबन्ध निदेशक लूज मारिया लोपेज ने की। लोपेज ने अपने संस्थाेन की ओर से श्रेष्ठ रचनाकारों को प्रमाण पत्र भी दिए।
शनिवार शाम को फेस्टिवल का समापन समारोह हुआ जिसमें आयोजक अंग्रेजी विभाग की अध्यक्ष प्रो सीमा मलिक तथा एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भारद्वाज ने दो दिन के इस आयोजन का प्रतिवेदन प्रस्तु त किया। इससे पूर्व विश्व  शान्ति, सदभाव और समकालीन विश्वं साहित्या पर 10 देशों के लेखकों ने शोध पत्र प्रस्तुित किए।  समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *