हिंद जिंक भारत की एकमात्र खनन कम्पनी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक-2018 में शामिल

BY — February 7, 2018

हिंदुस्तान जिंक, भारत की एकमात्र एवं विश्व की अग्रणीय एकीकृत जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी जो लगातार सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जल और ऊर्जा संरक्षण तथा आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रही है। इन प्रयासों की मान्यता से, हिंदुस्तान जिं़क भारत की एकमात्र खनन एवं धातु कंपनी है जो डाॅउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स (डीजेएसआई) 2018 में सूचीबद्ध की गई है। कुल 9 भारतीय कंपनियों को डाॅउ जोन्स ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी इयरबुक में शामिल किया गया है।

2004 के बाद से हर वर्ष, सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक में प्रत्येक उद्योग से दुनिया की सबसे अधिक सस्टेनेबल कंपनियों को सूचीबद्ध किया जाता है जो डाॅउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स मूल्यांकन में उनके स्कोर के अनुसार निर्धारित होती है। रोबेको एसएएम, डॉउ जोन्स के लिए मूल्यांकन करता है। इस साल 43 देशों के 60 उद्योग क्षेत्र की 2479 कंपनियों का मूल्यांकन किया गया था जिसमें से 478 कंपनियां रॉबेको एसएएम के सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक-2018 में शामिल करने के लिए योग्य पायी थी।

हिंदुस्तान जिंक विश्व स्तर पर 82 प्रतिशतक स्कोर के साथ 11 वें स्थान पर तथा खनन एवं धातु उद्योग समूह में पर्यावरण आयाम के लिए वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है।

रोबेको एसएएम के सीईओ अरिस प्रप्यूडिस ने कहा कि ’मैं सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक-2018 में शामिल होने के लिए दिल से हिंदुस्तान जिंक को बधाई देता हूं। ईयरबुक में शामिल कंपनियां अपने उद्योग में दुनिया की सबसे अधिक सस्टेनेबल कंपनियां हैं और ईएसजी नीडल के तरीकों से आगे बढ़ रही हैं जो हमें 2030 तक यूएन के सस्टेनेबल डेवेलपमेंट लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेंगे।

हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील दुग्गल ने कहा कि ’’सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक में शामिल होना हमारे लिए गर्व की बात है और यह हिन्दुस्तान ज़ि़क के लिए एक और मील का पत्थर है तथा पर्यावरण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और प्रशासन के प्रति दृढ़ संकल्प एवं प्रयासों की मान्यता है। कुल 9 भारतीय कंपनियों केे इण्डेक्स में प्रदर्शित करने वाली एकमात्र धातु और खनन कंपनी है। सस्टेनेबिलिटी हमेशा हमारी प्राथमिकता रही है और हम सुरक्षा, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं संसाधन संरक्षण में नेतृत्व के प्रदर्शन को बनाये रखने तथा ज़ीरो हार्म सस्टेनेबिलिटी विज़न को प्राप्त करने के लिए इसे जारी रखेंगे।’’

हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि जीरो हार्म एण्ड जीरो डिस्चार्ज एवं जैव विविधता के संरक्षण के प्रयासों में, हिंदुस्तान जिंक ने अपने कार्यस्थलों के आस-पास लगभग 15 लाख से अधिक पौधे लगाए हैं। हिंदुस्तान जिं़क ने रामपुरा आगुचा खदान में एक लुप्तप्राय पौधों की नर्सरी बनायी है। पंतनगर में एक तितली गार्डन तथा कायड में एक मोर पार्क भी बनाया है। उदयपुर में स्थित हिंदुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय, यशद भवन को बेंचमार्क के रूप में सीआईआई-इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) द्वारा राजस्थान की पहली प्लेटिनम-रेटेड ग्रीन बिल्डिंग के रूप में मान्यता प्रदान की गई है और यह भारत में 14 सीआईआई-आईजीबीसी इमारतों में से एक है जिनके पास प्लेटिनम रेटिंग है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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