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हिन्दुस्तान जिंक को पहली तिमाही में 1,918 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

BY — July 23, 2018

तिमाही के दौरान चांदी व सीसा का उत्पादन 20 प्रतिषत बढ़ा

उदयपुर। जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिं़क ने आयोजित अपनी निदेशक मण्डल की बैठक में 30 जून, 2018 को समाप्त पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

हिन्दुस्तान जिं़क के चेयरमैन अग्निवेष अग्रवाल ने बताया कि ‘‘कंपनी के ओपन कास्ट आॅपरेशन बंद होने के कारण उत्पादन में होने वाले अंतर को पूरा करने के लिए भूमिगत खदानों के उत्पादन में वृद्धि की जा रही है। आगामी वर्षों में कंपनी का रिकाॅर्ड प्रदर्शन रहेगा। हम कंपनी की उत्पादन क्षमता 1.2 मिलियन टन बनाने की ओर अग्रसर है।’’
वित्तीय वर्ष 2019 की पहली तिमाही में 212,000 टन खनित धातु उत्पादन हुआ जो कि गतवर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिषत अधिक है।
वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 172,000 टन एकीकृत जस्ता धातु का उत्पादन हुआ है, जो जस्ता खनित धातु की उपलब्धता में कमी के कारण गतवर्ष की तुलना में कम दर्शाता है। इस तिमाही में 42,000 टन एकीकृत सीसा धातु का उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 20 प्रतिषत अधिक है। तिमाही के दौरान 138 टन एकीकृत चांदी का उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 20 प्रतिषत अधिक है जो सिन्देसर खुर्द खदान में चांदी की हाई ग्रेड की प्राप्ति के फलस्वरूप संभव हुआ है।
वित्तीय वर्ष 2019 की पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने 5,310 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया जो गतवर्ष की समान अवधि की तुलना में 16 प्रतिषत अधिक है। राजस्व में वृद्धि लन्दन मेटल एक्सचेंज में सीसा-जस्ता की कीमतों में लगातार वृद्धि के परिणास्वरूप हुई है।
वित्तीय वर्ष 2019 की पहली तिमाही में कंपनी ने 1,918 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया है जो गतवर्ष की पहली तिमाही की समान अवधि की तुलना में 2 प्रतिषत अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2019 में भूमिगत खदानों की प्रगति एवं उत्पादन में लगातार सुधार के फलस्वरूप खनित धातु एवं रिफाइन्ड जस्ता-सीसा के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। वित्तीय वर्ष 2019 में चांदी धातु का उत्पादन 650 से 700 मैट्रीक टन तथा राॅयल्टी 950 से 975 डाॅलर प्रति मैट्रीक टन की रेंज में रहने की संभावना है।
तिमाही के दौरान रामपुरा आगुचा भूमिगत खदान का विकास 5.6 किलोमीटर की ओर लगातार जारी है। वेंटिलेशन सिस्टम चालू हो गया है तथा वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में मुख्य शाफ्ट से उत्पादन होने की संभावना है।
सिन्देसर खुर्द खदान में मेन शाफ्ट से वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में उत्पादन प्रारंभ होने की संभावना है। सिन्देसर खुर्द खदान में 1.5 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता की मिल बनाने का कार्य प्रगति पर है तथा वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में प्रारंभ होने की संभावना है।
जावर में नयी 2 एमटीपीए मील का सिविल कन्स्ट्रक्शन का कार्य प्रगति पर है तथा वित्तीय वर्ष 2019 की चैथी तिमाही में पूरा होने के संभावना है। फ्यूमर परियोजना का 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है एवं वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में पूर्ण हो जाने की संभावना है। कंपनी की अगले चरण की विस्तार योजना के अनुसार अपे्रल 2018 में घोषित खनित धातु उत्पादन क्षमता को 1.2 से 1.35 एमटीपीए करने का कार्य प्रगति पर है। चंदरिया में जस्ता-सीसा पायरो-मेटलर्जिकल स्मेल्टर की बढ़ी हुई सीसा खनित धातु को पूरा करने के लिए स्टैण्डअलोन सीसा धातु का उत्पादन करने के लिए संशोधित किया जा रहा है और जिसका पायलट परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। जस्ता स्मेल्टिंग कंफिगरेशन एवं बेसिक इंजीनियरिंग अंतिम अवस्था पर है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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